रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बुधवार को कुलपति प्रो. केपी सिंह की अगुवाई में पंडित राधेश्याम कथावाचक शोधपीठ की बैठक हुई। शोधपीठ के लिए अब प्रशिक्षण एवं नियोजन प्रकोष्ठ के भवन में स्थान आवंटित कर दिया गया है। इसे एक सक्रिय मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि पंडित राधेश्याम के साहित्यिक और रंगमंचीय योगदान को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।
नवनियुक्त समन्वयक प्रो. अनीता त्यागी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। शोधपीठ की ओर से 26 अगस्त को पंडित राधेश्याम कथावाचक की 62वीं पुण्यतिथि पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेशभर के साहित्यकार और शिक्षाविद शामिल होंगे। जुलाई में राष्ट्रीय संगोष्ठी प्रस्तावित है, जिसमें देशभर के विद्वान पंडित राधेश्याम के साहित्य पर चर्चा करेंगे। 25 नवंबर को पंडित राधेश्याम की जयंती पर विशेष सांस्कृतिक आयोजन होंगे। इसमें पंडित राधेश्याम रचित कालजयी नाटकों का मंचन कर नई पीढ़ी को हिंदी रंगमंच की समृद्ध परंपरा से रूबरू कराया जाएगा। इस दौरान सह-समन्वयक डॉ. अजीत सिंह, डॉ. आभा त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।
विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध रहेंगे दुर्लभ साहित्य
शोधपीठ के लिए आवंटित नया केंद्र अब संगोष्ठियों, व्याख्यानों और शोधपरक चर्चाओं का मुख्य केंद्र बनेगा। यहां पंडित राधेश्याम की पौत्री शारदा भार्गव की ओर से उपलब्ध कराया गया दुर्लभ साहित्य और शोध सामग्री भी विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध रहेगी। बैठक के दौरान शोधपीठ को एक प्रभावी शैक्षणिक केंद्र बनाने पर सहमति बनी।