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Bareilly News: दहेज हत्या में दोषी पति को आजीवन कारावास, सास-ससुर दोषमुक्त

Sun, 08 Mar 2026 03:18 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक कुमारी अफशां ने शनिवार को दहेज हत्या में दोषी सुभाषनगर थाना क्षेत्र के मुनीमजी वाली गली मढ़ीनाथ निवासी गोविंद सिंह को आजीवन कारावास और 35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने गोविंद के पिता जसवीर और मां द्रोपदी देवी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया है।
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सुभाषनगर थाना क्षेत्र की कैलाश कॉलोनी निवासी वीरपाल ने 14 अगस्त 2020 को सुभाषनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि उसने 20 अप्रैल 2019 को अपनी बेटी पूनम यादव की शादी सुभाषनगर थाना क्षेत्र के मुनीमजी वाली गली मढ़ीनाथ निवासी गोविंद सिंह के साथ की थी। शादी के बाद से ही पूनम का पति गोविंद, ससुर जसवीर और सास दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करते थे।
शादी के एक साल चार माह के बाद पूनम नौ माह की गर्भवती थी। 14 अगस्त 2020 को गोविंद के दोस्त रिंकू ने उसे कॉल करके बताया कि पूनम ने आत्महत्या कर ली है। वह परिवार वालों के साथ पूनम की ससुराल पहुंचा तो पूनम का शव बरामदे में रखा था। पूनम के पति और सास-ससुर ने दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर दी। जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी।
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सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने गोविंद को दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई। उसके माता-पिता को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया।
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दहेज हत्या चहारदीवारी के अंदर की घटना, इसके प्रत्यक्ष साक्ष्य होना मुश्किल
बरेली। दहेज हत्या में दोषी गोविंद को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए कोर्ट ने मृतका पूनम के पिता-पिता और संबंधियों के बयानों का हवाला दिया। कोर्ट ने टिप्पणी की कि दहेज हत्या चहारदीवारी के अंदर घटित होने वाली ऐसी घटना होती है, इसका कोई उस प्रकार का प्रत्यक्ष साक्ष्य नही हो सकता, जैसा कि अन्य मामलों का होता है।
ऐसी स्थिति में मृतका के माता-पिता व संबंधियों की ओर से दिए गए साक्ष्य व बयान मृत्यु को पुष्टि करते हैं, तो साक्षीगण के साक्ष्य विश्वसनीय माने जाते हैं। ऐसे में बचाव पक्ष के इस तर्क में कोई बल नहीं मिलता कि कोई प्रत्यक्षदर्शी साक्षी नही है। आरोपी पक्ष का यह तर्क कि उनको झूठा फंसाया गया है इसको बल नहीं मिलता।
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गैंगस्टर एक्ट के दोषी को दो साल की कैद, पांच हजार रुपये जुर्माना

बरेली। स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट तबरेज अहमद ने शनिवार को गैंगस्टर एक्ट के दोषी शीशगढ़ थाना क्षेत्र के गांव धर्मपुर निवासी आईव को दो साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि अदा न करने पर दोषी को दो माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा।आईव के खिलाफ 2006 में शीशगढ़ थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। 20 साल की लंबी सुनवाई के दौरान आईव ने कोर्ट के समक्ष अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। जुर्म स्वीकारोक्ति के आधार पर कोर्ट ने उसे दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
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