बरेली। मंडल मुख्यालय होने के नाते तमाम उच्चाधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद नौबत यह है कि शहर भर में चल रहे हुक्का बार बंद कराने के लिए केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने अब सीधे मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है। केंद्रीय मंत्री ने इस चिट्ठी में साफ-साफ लिखा है कि एफएसडीए के अफसर सैंपल लेने से लेकर उनकी जांच कराने तक में गड़बड़ियां कर रहे हैं, व्यापारियों से भी खुलेआम वसूली की जा रही है। हुक्का बार युवा पीढ़ी का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं, लिहाजा इस प्रकरण में गहराई से जांच कराकर सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है।
हुक्का बार शहर का लाइलाज मर्ज बन चुके हैं। सिविल लाइंस, प्रेमनगर, डीडीपुरम और राजेंद्रनगर के तमाम बड़े होटलों और रेस्टोरेंट में चल रहे इन हुक्का बार के खिलाफ पब्लिक की ओर से पुलिस और प्रशासन के अफसरों से काफी समय से शिकायतें भी की जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। पहले तो पुलिस हुक्का बार के खिलाफ कार्रवाई करने को तैयार नहीं हुई, ज्यादा दबाव बनने पर सितंबर में कुछ जगह कार्रवाई हुई, लेकिन इसके बाद अवैध हुक्का बार चलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पर मामला अटक गया। पुलिस और एफएसडीए के अफसर दोनों पीछे हट गए। नतीजा यह हुआ कि न तो हुक्का बार चलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो पाई न ही यह धंधा रुका। जिन हुक्का बार पर छापा पड़ा था, वे कुछ ही दिन बाद दोबारा खुल गए।
उच्चाधिकारियों की जानकारी में मामला होने के बाद भी हुक्का बार के मामले में ठोस कार्रवाई न होने को गंभीरता से लेते हुए अब केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने इस मामले में सीधे मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने इस पत्र में लिखा है कि केंद्र सरकार हुक्का बार और ई सिगरेट जैसे नशों से युवाओं को बचाने के लिए इन पर प्रतिबंध लगा चुकी है लेकिन फिर भी बरेली में खुलेआम यह कारोबार चल रहा है। एफएसडीए के अफसरों के खिलाफ लगातार खाद्य पदार्थों और दवाओं के अवैध कारोबारियों के यहां छापे मारकर सैंपल लेने के बाद उन्हें लैब से पास या फेल कराने की शिकायतें मिल रही हैं। इस कार्रवाई को व्यापारियों से वसूली का भी माध्यम बनाया जा रहा है। लिहाजा यह जरूरी है कि पिछले एक साल में लिए गए सैंपल और उन पर की गई कार्रवाई की गहराई से जांच कराई जाए। केंद्रीय मंत्री ने बरेली के एफएसडीए स्टाफ की भूमिका की भी जांच कराने का आग्रह किया है।
यूथ पॉवर संगठन ने भी प्रशासन को दिया ज्ञापन
यूथ पॉवर संगठन ने भी बुधवार को हुक्का बार के खिलाफ जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि कुछ समय पहले हुक्का बार के खिलाफ छापे मारे गए थे लेकिन सख्त कानूनी कार्रवाई किए बगैर बाद में मामला रफादफा कर दिया गया। नतीजा यह है कि ये हुक्का बार दोबारा खुल गए हैं और युवाओं को नशे का शिकार बना रहे हैं। एफएसडीए के अफसर इन हुक्का बार की अनदेखी कर रहे हैं। यूथ पॉवर ने रेस्टोरेंट की आड़ में चलाए जा रहे हुक्का बार पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।ज्ञापन देने वालों में गौरव सक्सेना, बंटी ठाकुर, रामकृष्ण शुक्ला, अंकित मक्कड़ आदि शामिल थे।
प्रशासन और एफएसडीए की जिम्मेदारी है कि शहर में हुक्का बार न चले। सैंपल भरने से लेकर जांच कराने के स्तर तक व्यापारियों का उत्पीड़न करने की शिकायतें मिल रही हैं। पिछले एक साल भरे गए सैंपल मामलों की जांच भी होना चाहिए। - संतोष गंगवार, केंद्रीय मंत्री