फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आखिर कैसे चल रहा है मीट का अवैध कारोबार

Thu, 21 Apr 2016 02:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला बरेली
विज्ञापन
आदमखोर कुत्तों को भगाएं - फोटो : अमर उजाला बरेली
विज्ञापन
कुत्तों के खूंखार हो जाने के कारणों को जानने के बाद भी नगर पालिका, तहसील प्रशासन और पुलिस के जिम्मेदार लोग चुप बैठे हैं। बहेड़ी में मीट का अवैध कारोबार बेरोकटोक हो रहा है। स्लाटर हाउस बंद है फिर भी पशुओं का कटान हो रहा है। नगर में मीट की करीब दो सौ दुकानें चल रही हैं लेकिन लाइसेंस सिर्फ 40 के पास ही है। पशुओं को कहां काटा जा रहा है इसका जवाब किसी के पास नहीं है। 
विज्ञापन

चार महीने पहले शासन ने स्लाटर हाउस बंद कर दिया था। मीट कारोबारियों ने इसका विरोध किया तो अफसरों ने बैठक में तय किया कि बाहर से मुहर लगा मीट ही यहां बेचा जाएगा। यह व्यवस्था 15 दिन चली। फिर सब पुराने ढर्रे पर आ गया। घरों में पशुओं का कटान होने लगा। जिन पर इस व्यवस्था पर नजर रखने की जिम्मेदारी थी उन्होंने चुप्पी साध ली। अब आलम यह है कि रात में पशुओं को काटकर अवशेष सड़क किनारे फेंके जा रहे हैं। इन्हें खाकर आवारा कुत्ते खूंखार हो रहे हैं। ग्रामीण इलाकों के गिरधरपुर, जोखनपुर, रिछा और फरीदपुर टाउन इलाके में भी घरों में अवैध रूप से पशुओं का कटान हो रहा है।
चार गांवों का दौरा कर लौट आई टीम
बहेड़ी। जिसका अंदेशा हुआ था वही हुआ। खूंखार कुत्तों को पकड़ने के लिए एक दिन पहले जो बड़ी-बड़ी बातें हुई तो उन पर दूसरे दिन अमल ही नहीं हुआ। मासूम के जान गंवाने और चार अन्य के जख्मी होने के बाद भी प्रशासन के अफसरों ने संजीदगी नहीं दिखाई। बुधवार को अभियान की रस्म अदायगी हुई। वन विभाग और नगर पालिका की टीमें चार गांवों में चहलकदमी कर लौट आई। नगर पालिका ने पालतू कुत्तों को घरों में कैद करने के लिए मुनादी भी नहीं कराई।  वन विभाग के डिप्टी रेंजर गोविंद राम और नगर पालिका की टीम गुरसौली, नरायन नगला, उनई, सुकटिया गांव पहुंची।गुरसौली गांव के गौतम ने कहा कि नगर पालिका दफ्तर के सामने मुर्गे वाले अवशेषों को उनके खेतों में फेंक देते हैं। जिन्हें आवारा कुत्ते खाते रहते हैं। बेचे सिंह, नवीन चंद्र, नेत्रपाल ने  मुर्गे वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन

गांव के लोग निकल पड़े कुत्तों को पकड़ने 
प्रशासन से मांग करते थक गए ग्रामीणों ने कुत्तों को पकड़ने के लिए खुद ही मोर्चा संभाल लिया। बहांपुर, शरीफनगर, नदेली, गुरसौली, उनई गांव के लोगों ने बुधवार को टोली बनाकर आवारा कुत्तों के खिलाफ सर्च अभियान शुरू किया। लाठी, डंडे, कस्सी और फावड़ा लेकर वे खेतों में पहुंचे। उनका कहना था कि उन्हें अपने बच्चों की फिक्र है इसलिए खुद ही कमान संभाल ली है। 
तहसीलदार बोले सब मीडिया का खेल है
खूंखार कुत्तों का मामला बुधवार को तहसील दिवस में भी उठा। आजादनगर मोहल्ले के लोगों ने तहसीलदार के सामने यह मुद्दा रखा तो वह भड़क गए। उन्होंने कहा कि मीडिया हंगामा कर रही है। ऐसा कुछ नहीं है। क्या दूसरी तहसीलों में कुत्ते हमला नहीं कर रहे हैं। इसमें वह कुछ नहीं कर सकते हैं। उनकी इस बात पर लोग भड़क गए।  इसके बाद पास में बैठे बीडीओ ने बात संभाली और तहसीलदार को इस तरह की बात न करने की सलाह दी। कारवां संस्था के नवाब राशिद खां और सपा नेता सलीक कातिब ने पालिका प्रशासन से अभियान चलवाने की मांग की। व्यापार मंडल मिश्रा गुट ने आमिर के घर वालों को आर्थिक सहायता देने को कहा। 
सता रही है बच्चों की चिंता
बहेड़ी। अभिभावक परेशान हैं। उन्हें नौनिहालों की चिंता सता रही है। स्कूल आते और जाते समय खूंखार कुत्ता हमला न कर दें इसलिए घर के एक सदस्य की ड्यूटी लगा दी गई है। पंजाबी कालोनी की सुनीता कालड़ा ने कहा कि जब तक बच्चे घर नहीं पहुंच जाते तब तक डर लगा रहता है। प्रशासन लापरवाह बना हुआ है। मोहल्ला तलपुरा की नाजिया के अनुसार बेटी को स्कूल छोड़ने के लिए सड़क तक खुद जाती हैं। मोहल्ला टांडा की सबीना जाफरी ने कहा कि जब-जब किसी मासूम पर हमला होता है तब प्रशासन प्लान बनाने की बात करता है लेकिन होता कुछ नहीं है। रामलीला मोहल्ले की पल्लवी ने कहा कि यदि यही हाल रहा तो बहेड़ी से पलायन करना पडे़गा। माथुर रोड की रविंद्र कौर ने कहा कि प्रशासन को ईमानदारी से काम करना चाहिए। 
कोट
 नगर में मीट का कारोबार करने वालों के लाइसेंस चेक किए जाएंगे। अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कुरैशी मोहल्लों में निगाह रखी जाएगी। अवैध स्लाटर हाउस चलाने वालों को जेल भेजा जाएगा। मीट के अवशेष इधर-उधर फेंकते मिले तो नगर पालिका जुर्माना ठोकेगी। बुधवार को तहसील दिवस था इसलिए मुनादी नहीं हो पाई। बृहस्पतिवार से अभियान शुरू होगा। 
विज्ञापन

-पारस नाथ मौर्या एसडीएम 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें