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कबाड़ी तक कैसे पहुंचा मेडिकल वेस्ट... जांच को निकली टीम

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कबाड़ी ने कट्टे में भरकर रखीं वॉयल।
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कई क्लीनिकों और पैथोलॉजी सेंटर पर मारा छापा
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कोई भी नहीं दे सका बॉयो मेडिकल वेस्ट का रिकॉर्ड
फरीदपुर। बीसलपुर रोड पर कबाड़ी की दुकान तक ब्लड सैंपल की हजारों वॉयल और रैपिड टेस्ट किट कैसे पहुंची, इसकी जांच के लिए बुधवार को सीएचसी अधीक्षक और नगर पालिका की टीम निकली। कबाड़ी की दुकान चलाने वाले से पूछताछ से लेकर कई क्लीनिक और पैथोलॉजी सेंटर पर छापा मारा मगर ये नही पता चला कि मेडिकल वेस्ट किसने कबाड़ी को बेचा।
बुधवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. बासित अली और नगर पालिका के बड़े बाबू आदेश शुक्ला पूरी टीम के साथ कबाड़ी की दुकान पर जांच करने पहुंचे। यहां पहले ही वॉयल कट्टों में भरवाकर दुकान से दूर रखी जा चुकी थीं। टीम ने मेडिकल वेस्ट सुरक्षित स्थान पर पहुंचवा दिया। कबाड़ी अपनी दुकान में ही गेहूं पीसने का काम करता है। मेडिकल वेस्ट भी वहीं मिलने से संक्रमण का खतरा भी रहता है मगर मगर कबाड़ी पर कोई कार्रवाई टीम ने नहीं की।
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इसके बाद टीम ने बीसलपुर रोड स्थित अलशिफा क्लीनिक पर छापा मारा। यहां खुद को यूनानी डॉक्टर बता रहा अनीस नाम का व्यक्ति रजिस्ट्रेशन नहीं दिखा सका। बायो मेडिकल वेस्ट ले जाने वाली संस्था के बारे में भी वह नहीं बता सका। ना ही कोई बायो मेडिकल वेस्ट नष्ट करने का लेखा जोखा दे सका। टीम ने तोताराम मौर्य की दुकान पर छापा मारा, जहां एक बच्चा भर्ती मिला। वहीं झोलाछाप के सामने बने एक अन्य क्लीनिक संचालक क्लीनिक बंद कर भाग गया। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम बीसलपुर वाले बस अड्डे के पास बने क्लीनिक पर पहुंची तो क्लीनिक संचालक भाग गया। पास ही चल रही प्रदीप पैथोलॉजी लैब पर बायो मेडिकल वेस्ट रखने के लिए डस्टबिन नहीं मिले। लैब संचालक बायो मेडिकल वेस्ट का रिकॉर्ड नहीं दिखा सका।
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उसके बाद टीम नगर में बकैनिया रोड पर स्थित ताजुशरिया नर्सिंग होम पर पहुंची जहां पर बैठे समीर नाम के व्यक्ति ने बताया कि अभी नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाया है। अपनी डिग्री के बारे में भी वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। टीम ने यहां का लेबर रूम देखा तो दंग रह गई। ऑपरेशन के सारे इंतजाम यहा मिले। टीम ने यहां भर्ती ग्राम कादरगंज निवासी गर्भवती महिला को सीएचसी भिजवाया। इन सभी क्लीनक , पैथॉलॉजी लैब को सीएचसी अधीक्षक ने नोटिस भेजे हैं। छापों की सूचना पर अवैध क्लीनिक संचालक शटर गिराकर भाग गए। वहीं कुछ क्लीनिक और लैब संचालकों ने बताया कि अर्बन स्वास्थ्य केंद्र का एक कर्मचारी उनका क्लीनिक एवं पैथोलॉजी लैब चलाने का महीने की फिक्स रकम लेता है। टीम में सीएचसी अधीक्षक डॉ बासित अली ने बताया कि रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी गई है। टीम में चीफ फार्मासिस्ट धीरेंद्र अनुराग शर्मा नगरपालिका के प्रधान लिपिक आदेश शुक्ला मौजूद थे।
फोटो संलग्न
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