नगर निगम में टैक्स विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करते अपर नगर आयुक्त ।
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बरेली। कर अनुभाग के अफसरों के असमंजस और गृहकर पर सिर्फ एक साल का ब्याज माफ होने के खुलासे के बाद निगम अफसरों ने बीच का रास्ता निकाला है। अब शहरवासियों को नया सॉफ्टवेयर लागू होने के वर्ष 2018-19 से गृहकर पर ब्याजमाफी का लाभ मिलेगा। मगर इससे पहले का बकाया में शामिल हो चुका ब्याज उन्हें देना होगा।
बोर्ड की मंजूरी के बाद शासन से अनुमति लेकर नगर निगम ने शहरवासियों का बकाया गृहकर का पूरा ब्याज माफ करने का एलान किया था। शहरवासी भी इस प्रस्ताव को लेकर खुश थे लेकिन नगर निगम अफसरों में असमंजस की स्थिति थी। अफसरों का कहना था कि अब तक के पूरे बकाये पर इस साल लगने वाला 12 प्रतिशत ब्याज ही माफ किया जाएगा। अमर उजाला ने इसका खुलासा किया तो नगर निगम में खलबली मच गई। अफसरों ने इस पर मंथन कर रास्ता खोजने का प्रयास शुरू कर दिया। बृहस्पतिवार दोपहर अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी महातम यादव, ललतेश सक्सेना समेत कर अनुभाग के अन्य अफसरों की बैठक बुलाई। इसमें तय हुआ कि नगर निगम ने वर्ष 2018-19 में टैक्स के नये साफ्टवेयर पर काम करना शुरू किया है। ऐसे में वर्ष 2018-19 से ही ब्याज माफी का लाभ देना संभव हो सकेगा।
सोमवार से कैंप लगाकर जमा होगा कर
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ज्यादा लोगों को इस योजना का लाभ दिलाने और ज्यादा राजस्व प्राप्त करने के लिए सभी वार्ड में कैंप लगाकर बकाया कर की वसूली की जाएगी। इसमें पार्षदों का भी सहयोग लिया जाएगा।