बरेली। एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत गृहकर का पूरा ब्याज माफ होने की उम्मीद लेकर नगर निगम पहुंच रहे लोगों को तगड़ा झटका लग रहा है। दरअसल, नगर निगम ने कुल बकाया टैक्स पर सिर्फ इस साल लगने वाले ब्याज में छूट दी है, जो ब्याज मूल बकाया में शामिल हो चुका है, उसमें लोगों को कोई राहत नहीं मिलेगी।
पिछले दिनों नगर निगम ने बकाया कर पर लगा ब्याज माफ करने का प्रस्ताव बोर्ड में पास करके शासन को भेजा था। इसमें गृहकर के साथ सीवर और जलकर पर लगा ब्याज भी माफ करने की अनुमति मांगी गई थी। मगर शासन ने सिर्फ गृहकर पर लगने वाले ब्याज को ही माफ करने की मंजूरी दी। इसके बाद नगर निगम ने इसका जोरशोर से प्रचार किया। दावा किया गया कि जिन लोगों पर लंबे समय से गृहकर बकाया है, उनका पूरा ब्याज माफ कर दिया जाएगा, लेकिन जब लोग योजना का लाभ लेने नगर निगम दफ्तर पहुंचें तो पता चला कि सिर्फ एक साल का ब्याज ही माफ होगा।
आठ दिन में सिर्फ एक व्यक्ति ने जमा किया बकाया कर
शासन ने इस प्रस्ताव को 27 दिसंबर, 2021 को मंजूरी दी। इसके बाद निगम अफसरों ने गृहकर का पूरा ब्याज माफ होने का ढिंढोरा पीटकर इसका क्रेडिट लेना शुरू कर दिया। जिन लोगों ने लंबे समय से कर जमा नहीं किया था, वे भी पूरा ब्याज माफ होने की उम्मीद लेकर नगर निगम पहुंचने लगे लेकिन वहां स्थिति अलग निकली। कर अनुभाग के अधीक्षक और कर संग्रहकर्ताओं को यह जानकारी ही नहीं थी कि लोगों को कर में कितनी छूट दी जानी है। इस वजह से उनका कर जमा ही नहीं हुआ। परिणामस्वरूप बुधवार तक नगर निगम में सिर्फ एक व्यक्ति का ही अब तक गृहकर जमा हुआ है। उन्हें सिर्फ एक साल के ब्याज की छूट दी गई।
सॉफ्टवेयर में ब्याज छूट
की कोई व्यवस्था नहीं
नगर निगम का कर जमा करने की व्यवस्था एक निजी बैंक के हवाले है। बैंक ने इसका सॉफ्टवेयर आगरा की एक कंपनी से खरीदा है। इस वजह से नगर निगम के अफसर गृहकर के सॉफ्टवेयर में सीधे कोई फेरबदल नहीं कर सकते हैं। यही वजह है कि अब तक इस सॉफ्टवेयर में गृहकर का ब्याज माफ करने की व्यवस्था नहीं हुई है। इस वजह से भी लोगों को गृहकर में ब्याज माफी का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सिर्फ 12 प्रतिशत ब्याज होगा माफ
नगर निगम सीमा में 1.40 लाख आवासीय भवनों पर गृहकर का 196 करोड़ रुपया बकाया है। कई लोगों पर गृहकर लंबे समय से बकाया चल रहा है, इसके चलते हर साल उस पर 12 प्रतिशत की दर से ब्याज जुड़ जाता है। इस तरह इन लोगों पर 66.34 करोड़ रुपये का ब्याज लगा है। निगम की इस योजना के तहत इस ब्याज में सिर्फ इस साल का ब्याज यानी 12 प्रतिशत की ही छूट मिलेगी।
मेरा कई साल से कर बकाया है। जब मैं कर जमा करने नगर निगम पहुंचा तो बताया गया कि सिर्फ एक साल का ब्याज ही माफ होगा, जबकि घोषणा पूरा ब्याज माफ करने की हुई थी। नगर निगम लोगों को गुमराह कर रहा है। - अरुण अग्रवाल, कोहाड़ापीर
वर्जन
गृहकर का ब्याज माफ किया गया है। पुराना कर ब्याज लगने के बाद मूल बकाया बन चुका है तो इस बकाये पर सिर्फ इस साल लगने वाला ब्याज ही माफ होगा। सॉफ्टवेयर में संशोधन के लिए बैंक और कंपनी से बात कर ली गई है। इसे जल्दी ही ठीक करा दिया जाएगा। - महातम यादव, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी