फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केसरपुर में बिना पंजीकरण चल रहा अस्पताल सीज

विज्ञापन
मिशेल थॉमसन और आलियाह - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन
बरेली। केसरपुर में बिना पंजीकरण सिद्घि विनायक नाम से चल रहे अस्पताल को बुधवार को एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने सील कर दिया। पिछले दिनों इस अस्पताल की सीएमओ से शिकायत की गई थी। अस्पताल का संचालन एक झोलाछाप अखिलेश कुमार बिना पंजीकरण के एक घर में कर रहा था।
विज्ञापन

एसीएमओ ने बुधवार को छापा मारा तो अस्पताल में चार मरीज भर्ती मिले। इनमें दो नवजात थे। एसीएमओ ने बताया कि ओपीडी को तत्काल सील कर दिया गया है। मरीजों को भी इस बारे में जानकारी दे दी गई है। उन्हें कहा गया है कि 102 एंबुलेंस पर फोन कर शाम तक हर हाल में यहां से जिला अस्पताल में शिफ्ट हो जाएं। गुरुवार को अस्पताल का मुख्य गेट भी सील कर दिया जाएगा। एसीएमओ ने बताया कि अस्पताल संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
नवाबगंज क्षेत्र में भी चल रहा बिना पंजीकरण अस्पताल
बरेली। नवाबगंज क्षेत्र के गांव माधौपुर निवासी सत्यपाल सिंह ने सीएमओ को भेजे पत्र में कहा है कि नवाबगंज क्षेत्र में भी एक अस्पताल बिना पंजीकरण के चल रहा है। इसे भी झोलाछाप चला रहा है। सत्यपाल सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले उनकी बेटी की तबीयत खराब हुई तो उसे इसी अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन बेटी की तबीयत ठीक होने के बजाय और बिगड़ गई। इसके बाद उसका दूसरे अस्पताल में इलाज कराया। अस्पताल में प्रसव भी कराए जा रहे हैं। सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल ने बताया कि इस मामले की जांच एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम को सौंपी गई है।
विज्ञापन

डॉक्टरों की लापरवाही से महिला की मौत के मामले की जांच में हीलाहवाली कर रही पुलिस
बरेली। शहर की बग्गा कॉलोनी निवासी फतेह बहादुर ने पुलिस पर डॉक्टरों की लापरवाही से पत्नी की मौत के मामले की जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस बाबत कमिश्नर से की शिकायत में कहा है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी जांच में हीलाहवाली की जा रही है। मंडलायुक्त ने सीएमओ को जांच के निर्देश दिए हैं। फतेह बहादुर ने बताया कि 20 सितंबर, 2019 को प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी फूलमती को बदायूं रोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। 21 सितंबर की सुबह पत्नी ने सामान्य तरीके से बच्चे को जन्म दिया। दोनों पूरी तरह स्वस्थ थे। शाम करीब पांच बजे फूलमती के पेट में दर्द हुआ तो डॉक्टर ने उसे दो इंजेक्शन लगाए। इसके दस मिनट बाद ही उसकी मौत हो गई। सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल ने बताया कि कमिश्नर से जांच का आदेश मिला है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

नवजात की मौत पर रिपोर्ट दर्ज करने के लिए सीएमओ से मांगी सलाह
बरेली। बदायूं रोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में 21 सितंबर, 2019 को एक नवजात की मौत हो गई थी। परिजन ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा था। मामले में विष्णु कश्यप की ओर से सुभाषनगर थाने में डॉक्टरों के खिलाफ तहरीर दी गई। मामले की जांच कर रहे एसआई कमलेश कुमार मिश्र ने सीएमओ को पत्र लिखकर इस मामले की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। पत्र में कहा गया है कि स्वास्थ्य विभाग की जांच के आधार पर ही पुलिस रिपोर्ट दर्ज करेगी। उन्हाेंने सीएमओ से इस बाबत सलाह भी मांगी है। सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल ने बताया कि एसआई का पत्र मिला है। एसीएमओ को जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।

महिला अस्पताल में प्रसूता से वसूली की जांच शुरू
बरेली। महिला अस्पताल में प्रसव के बाद प्रसूता से मिठाई और चाय के नाम पर नौ सौ रुपये वसूले जाने के मामले की जांच के लिए सीएमएस ने बुधवार को तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। कमेटी को तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। फरीदपुर के मनकपुर की ममता पत्नी सुनील को पिछले सोमवार को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ममता ने बच्ची को जन्म दिया। अस्पताल में पहले उनसे मिठाई के नाम पर पांच सौ रुपये लिए गए फिर चाय के नाम पर चार सौ रुपये और वसूले गए। बच्ची कमजोर थी तो कहा गया कि एसएनसीयू वार्ड में रखना पड़ेगा। इसके लिए भी उनसे एक हजार रुपये लिए गए। सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि उन्हाेंने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। इसमें डॉ. किरन बाला, पैथोलॉजिस्ट डॉ. यशवंत सिंह और मेटरन नीरा लाल शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें