ग्राम पंचायतों में एक के बाद एक शौचालयों के निर्माण और राशनकार्ड बनाने में घपले सामने आ रहे हैं। प्रमुख सचिव/जिले के नोडल अफसर नवनीत सहगल के पिछले दो दौरों में भी घपलेबाजी उजागर हो चुकी है।
इसके बाद भी अफसरों के जांच न करने से घोटालेबाजों पर शिकंजा नहीं कस पा रहा है। अब भोजीपुरा की ग्राम पंचायत रहपुरा करीम बख्श में शौचालयों के निर्माण में घपला सामने आया है।
यहां शौचालयों की रकम अपात्रों को जारी कर दी गई और पुराने शौचालयों को ही नया बना दिखा दिया गया। इसी तरह राशनकार्ड बनाने में भी खेल हुआ है। संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों के सामने यह मामला आया तो भोजीपुरा बीडीओ को जांच के आदेश दिए गए हैं।
गांव के लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायत में जबरदस्त गुटबंदी है, इसलिए सुनियोजित तरीके से विरोधी पक्ष के लोगों को पात्र होने के बावजूद लाभान्वित नहीं किया जा रहा है।
तहसील दिवस में स्वच्छ भारत मिशन को लेकर अफसरों से शिकायत की गई कि जिन लोगों के घरों में पहले से शौचालय बने हैं, सांठगांठ करके उन्हें दोबारा धनराशि जारी कर दी गई है, जबकि कुछ लोगों ने पुराने शौचालयों का ही नया निर्माण दिखाकर धनराशि हड़प ली है।
इसके अलावा राशनकार्डों को बनाने में भी गड़बड़ी हुई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि घर के बजाय खेतों में बनवाए गए शौचालयों का निर्माण भी स्वच्छ भारत मिशन में दिखा दिया गया है।
ग्रामीणों ने अफसरों को 16 ऐसे लोगों के नाम दिए हैं, जिन्हें पात्र होने के बावजूद शौचालय बनवाने के लिए रकम नहीं दी गई। इसी तरह राशनकार्ड के लिए पात्र 14 लोगों के नामों की लिस्ट भी दी गई है।
गौरतलब है कि प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने नवंबर में निरीक्षण के दौरान भोजीपुरा और बहेड़ी और इस महीने नवाबगंज में भी स्वच्छ भारत मिशन और राशन वितरण में घोटाला पकड़ा था।