बरेली। जिला महिला अस्पताल में लिफ्ट टूटने की घटना पर अब गेंद एक-दूसरे के पाले में फेंकने की कवायद शुरू हो गई है। मोटे तौर पर लिफ्ट टूटने का कारण इसकी पांच लोगों को ले जाने की क्षमता को नजरंदाज कर 20 लोगों के सवार हो जाने को बताया जा रहा है, लेकिन एक्सपर्ट हादसे के लिए सिर्फ इसी को वजह मानने को तैयार नहीं हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक लिफ्ट अगर तकनीकी रूप से दुरुस्त होती तो 20 लोगों के सवार होने के बाद उसे चलना ही नहीं चाहिए था। जिस तरह हादसा हुआ, उससे जाहिर है कि मौत लिफ्ट में मौजूद 20 लोगों के बेहद नजदीक से गुजर गई। चार फुट की ऊंचाई के बजाय अगर लिफ्ट एक मंजिल भी ऊपर जाकर गिरी होती तो उसमें किसी का बचना मुश्किल था।
एक्सपर्ट के मुताबिक लिफ्ट में क्षमता से ज्यादा वजन होते ही उसका सेफ्टी अलार्म बजना चाहिए था। अगर अलार्म किसी कारण से खराब भी हो जाए तो उसके ब्रेकिंग सिस्टम को उसे जहां के तहां जाम कर देना चाहिए था। न अलार्म बजा और न ब्रेकिंग सिस्टम ने काम किया तो इसका सीधा मतलब है कि लिफ्ट में तकनीकी कमियां थीं। इन तकनीकी कमियों का कारण क्या था, जांच करने वाले अफसरों को यह भी देखना चाहिए। एक्सपर्ट के मुताबिक आमतौर पर घरों में लगी लिफ्ट में सेफ्टी अलार्म नहीं होता क्योंकि उसमें क्षमता से ज्यादा वजन रखने की कोई गुंजाइश नहीं होती लेकिन अस्पताल या दूसरी सरकारी इमारतों की लिफ्ट में सभी सुरक्षा उपकरण लगाने के निर्देश होते हैं। ऐसे में हो सकता है कि लिफ्ट का उचित मेंटिनेंस न हुआ हो।
ऐसे हुआ था हादसा
जिला महिला अस्पताल में लगी लिफ्ट पांच लोगों को ले जाने की क्षमता की है, लेकिन शनिवार को ट्रेनिंग के बदायूं से आए 19 स्वास्थ्य कर्मी सौ बेड वाले मैटरनिटी हॉस्पिटल की ऊपरी मंजिल पर जाने के लिए ऑपरेटर के मना करने के बावजूद एक साथ लिफ्ट में घुस गए थे। क्षमता से चार गुना लोगों को लेकर लिफ्ट ऊपर चली तो चार-पांच फुट ऊपर जाते ही उसके वायर टूट गए और वह नीचे आ गिरी। इसके बाद दो घंटे तक सभी 20 लोग लिफ्ट के अंदर फंसे रहे। गेट तोड़कर उन्हें निकाला गया। इस दौरान ऑपरेटर भी गंभीर रूप से घायल हो गया।
बदायूं के सीएमओ से मांगेंगे लिफ्ट की मरम्मत का पैसा
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अलका शर्मा का कहना है कि लिफ्ट टूटने की घटना के जिम्मेदार बदायूं से आए स्वास्थ्य कर्मी हैं। ऑपरेटर के मना करने के बावजूद ये स्वास्थ्य कर्मी चार गुना तादाद में एक साथ लिफ्ट में घुस गए थे। इसी वजह से लिफ्ट टूट गई। सीएमएस ने बताया कि लिफ्ट टूटने की घटना की टेक्निकल रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। यह रिपोर्ट तैयार होने के बाद लिफ्ट की मरम्मत कराने के लिए बदायूं स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा जाएगा।
‘लिफ्ट किस वजह से टूटी है.. इसका कारण तो स्पष्ट नहीं है, लेकिन लिफ्ट की मेंटिनेंस हाल ही में कराई गई है। ऐसे में यही लग रहा है कि अधिक वजह होने के कारण लिफ्ट टूटी होगी। संबंधित मामले में टेक्निकल टीम से जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर वजन अधिक मिला तो बदायूं स्वास्थ्य विभाग से री-पेयरिंग के भुगतान के लिए लिखा जाएगा।’
- डॉ. अलका शर्मा, सीएमएस, महिला अस्पताल