कुछ ग्रामीणों ने ही पुलिस को बताया कि उनको किशोरी के परिजनों ने बताया था कि उसके पेट में दर्द हुआ था, इससे उसकी मौत हो गई। रात में ही शव दफना दिया गया था। इसके बाद एलआईयू ने भी गांव पहुंचकर पड़ताल की। इस संबंध में एसओ वेदपाल सिंह ने बताया कि किशोरी के परिजनों को थाने बुलाया जाएगा। उनके आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। फिलहाल सभी बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है। गांववाले बीमारी से मौत की बात बता रहे हैं।
दातागंज के मामले को दबा रही पुलिस
दातागंज कोतवाली क्षेत्र में प्रेम विवाह के शक में छात्रा की हत्या कर उसका शव जलाकर गंगा में बहाने के मामले को पुलिस नकार रही है। पुलिस अंदरखाने मामले की जांच तो कर रही है, लेकिन इस प्रकरण में कोई भी पुलिस अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। घटना उजागर होने के दूसरे दिन पुलिस ने मृतका के परिजनों को पुलिस चौकी बुलाकर पूछताछ की तो उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या की बात कही थी।
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सवाल उठता है कि परिजन अगर आत्महत्या बता रहे हैं तो उन्होंने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी, शव का पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया। गुपचुप तरीके से शव को जलाकर क्यों बहा दिया गया। इन सवालों के जवाब पूछने पर भी पुलिस मामले को घुमाती रही। इस संबंध में सीओ दातागंज कर्मवीर सिंह का कहना है कि घटना के बारे में पुलिस को कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं, कोई तहरीर देगा तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।