बरेली। हनी ट्रैप गिरोह की सरगना बताई जा रही माधुरी पाल ने पांच दिन पहले कोर्ट में समर्पण कर दिया। वह बारादरी थाना क्षेत्र के मुकदमे में वांछित थी। कोर्ट से उसके गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके थे। उसके गिरोह के कई गुर्गे जमानत पर रिहा हो चुके हैं। माधुरी पाल पर जब मुकदमे दर्ज हुए तो वह भूमिगत हो गई थी। न्यायालय से वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने घेराबंदी शुरू की तो उसने कोर्ट में समर्पण कर दिया। वहां से माधुरी को जेल भेज दिया गया।
नवाबगंज निवासी युवक ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रीना उर्फ शीतल ने उसे बहाने से संजय नगर बुलाया और वहां एक मकान में ले गई। वहां माधुरी, सत्यवीर और अन्य महिलाएं थीं। इन लोगों ने उसे नशा मिलाकर कोल्डड्रिंक पिला दी। जब होश आया तो वह निर्वस्त्र था। इन लोगों ने दो घंटे तक बंधक बनाकर 40 हजार रुपये, डेबिट कार्ड, सोने की अंगूठी व चेन आदि छीन लिए और सादा स्टांप पर हस्ताक्षर करा लिए। आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पांच लाख रुपयों की मांग की थी। युवक की ओर से न्यायालय के आदेश पर बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मुकदमे में पुलिस ने माधुरी पाल के साथियों को पहले ही जेल भेज दिया था। माधुरी पर शिकंजा कसा तो उसने खुद ही समर्पण कर दिया।
जमानत अर्जी हुई खारिज
सूत्रों के मुताबिक माधुरी ने सोचा था कि उसे महिला होने की वजह से आसानी से जमानत मिल जाएगी। समर्पण के साथ ही माधुरी पाल ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के यहां जमानत के लिए आवेदन किया था। मजिस्ट्रेट श्वेता यादव की अदालत ने माधुरी पाल की जमानत याचिका भी खारिज कर दी। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। ब्यूरो