आईवीआरआई महिला समूहों की मदद से भोजीपुरा में लगाएगा शहद प्रसंस्करण इकाई
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कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से महिलाओं दिया जा रहा है मौन पालन का प्रशिक्षण
बरेली। राष्ट्रीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान यानी आईवीआरआई के कृषि विज्ञान केंद्र और महिला समूहों के सहयोग से भोजीपुरा में जल्द ही शहद प्रसंस्करण इकाई को स्थापित करने की तैयारी चल रही है। इसमें काम करने के लिए महिला समूहों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। कोराना काल में इससे ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार का बड़ा अवसर मिल सकेगा।
विकास खंड भोजीपुरा में जल्द ही आईवीआरआई के कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से शहद प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की तैयारी है। फिलहाल कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से महिला समूहों मौन पालन के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह ने बताया कि खेती-किसानी से जुड़ी महिलाओं के पास इस वक्त आय बढ़ाने के लिए मौन पालन से बेहतर दूसरा कोई विकल्प नहीं है। इससे वे न सिर्फ खुद बल्कि दूसरों को भी स्वावलंबी बना सकती हैं। शहद उत्पादन की मांग भी लगातार बढ़ रही है। कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. रंजीत सिंह ने बताया कि संस्थान शहद प्रसंस्करण में काम करने के लिए महिलाओं को हर संभव मदद और प्रशिक्षण देने को तैयार है। भोजीपुरा के अलावा दूसरी जगह भी इकाइयां स्थापित करने की संभावना तलाश की जा रही है।
ब्लॉक के अफसरों ने भी दिया सहयोग का आश्वासन
भोजीपुरा में शहद प्रसंस्करण इकाई शुरू करने के लिए स्थानीय अफसरों ने भी महिला समूहों को सहयोग का आश्वासन दिया है। बीडीओ विवेक सक्सेना ने कहा कि यह प्रशिक्षण बहुत ही उपयोगी है, इसके जरिये महिलाएं स्वरोजगार से जुड़ेंगी। विकास खंड भी प्रशिक्षण को और उपयोगी बनाने का हर संभव प्रयास करेगा। एडीओ जेपी शर्मा ने महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए इस प्रशिक्षण को उपयोगी बताया। मिशन परियोजना प्रभारी अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रशिक्षण में तीस महिलाएं भाग ले रही हैं।