होमगार्ड के जवानों को मल्टी परपज बनाने की कोशिशें लगातार जारी हैं। अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की तर्ज पर होमगार्ड इंडस्ट्रियल एंड इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटी फोर्स का गठन किया गया है। यह नया दस्ता औद्योगिक इकाईयों में सुरक्षा बंदोबस्त के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। बरेली मंडल में चार सौ होमगार्ड का चयन भी कर लिया गया है। इन्हें सीआईएसएफ से ट्रेनिंग दिलाई जाएगी।
होमगार्ड विभाग के नए डीजी विभाग की उपयोगिता बढ़ाने और होमगार्डों को अधिकतम रोजगार उपलब्ध कराने के लिए नए प्रयोग कर रहे हैं। हिसेफ का गठन भी इसी क्रम में हुआ है। डिवीजनल कमांडेंट संजीव शुक्ला के मुताबिक हिसेफ स्थानीय स्तर पर छोटी और मझोली इकाईयों को मुनासिब खर्चे पर सुरक्षा गार्ड मुहैया कराएगा। इसमें प्रारंभिक तौर पर तेजतर्रार और कम से कम इंटर पास योग्यता वाले होमगार्ड्स को चुना गया है। इनको प्रशिक्षण दिलाने के बारे में प्रदेश स्तर पर सीआईएसएफ से बात भी हो गई है। प्रशिक्षण का समय और अवधि अभी तय नहीं हुई है। यह काम मार्च तक पूरा हो जाना है। इससे पहले विभाग इन्हें रायफल भी उपलब्ध कराएगा। प्रशिक्षण में होमगार्डों को औद्योगिक इकाईयों में काम करते वक्त बरती जाने वाली सावधानी और चौकसी के बारे में बताया जाएगा। संस्थाएं कम से कम एक महीने के लिए भी होमगार्ड लेने को अनुबंध कर सकेंगी। उन्हें 235 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से होमगार्ड के बैंक अकाउंट में मानदेय भुगतान करना होगा।