बरेली। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लाई गई होम स्टे नीति में तीन साल बीत जाने के बाद भी अभी तक कोई भी रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है। शासन की यह नीति जिले में कारगर होती नहीं दिख रही है। नियमों के फेर में फंसकर आवेदन नहीं हो पा रहे है।
वर्ष 2022 में जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शासन की ओर से होम स्टे नीति बनाई थी। इसके अंतर्गत पर्यटन स्थल के आसपास बने घरों को पर्यटकों को रुकने के लिए विकसित किया जाना है। होम स्टे में आने वाले पर्यटकों को ब्रेक फास्ट, लांच, डिनर, वाईफाई, अटैच बाथरुम की सुविधा भी दी जानी है। जिससे पर्यटक को होटल जैसा ही माहौल घर में मिल सके, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी पर्यटन विभाग में होम स्टे के लिए कोई भी घर पंजीकृत नहीं हुआ है। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अनुराग सक्सेना बताते है कि होम स्टे नीति पर्यटकों के लिए कारगर है। उन्हें होटल से कम रकम खर्च करनी पड़ेगी। बताया कि करीब पांच लोगों ने विभाग में आवेदन करे हुए है लेकिन उन्हें अभी अनुमति विभाग की ओर से नहीं मिली है। जिला पर्यटन अधिकारी मनीष ने बताया कि शहर में कोई भी आवास होम स्टे नीति के पंजीकृत नहीं है। संवाद