जहर या सदमे से मौत की आशंका में विसरा सुरक्षित
बरेली। बभिया निवासी हिस्ट्रीशीटर करन उर्फ छोटू यादव को शनिवार रात पुलिस से मुठभेड़ में पैर में गोली लगी थी। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। रविवार तड़के तीन डॉक्टरों के पैनल ने करन के शव का पोस्टमार्टम किया, लेकिन इसमें गोली से मौत होने की पुष्टि नहीं हुई। डॉक्टरों ने जहर या सदमे से मौत होने की आशंका में जांच के लिए विसरा सुरक्षित किया है।
एसीएमओ डॉ. आरएन सिंह, डॉ. गजेंद्र सिंह और डॉ. शोएब खान के पैनल ने रविवार सुबह पांच बजे करन के शव का वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया। इसमें करन के दाहिने पैर में घुटने से नीचे गोली का जख्म मिला, लेकिन गोली नहीं मिली। वह पार निकल गई थी। खून का ज्यादा रिसाव नहीं हुआ था। इससे डॉक्टरों ने माना कि गोली लगने से मौत नहीं हुई है, लेकिन मौत की सही वजह काफी मशक्कत के बाद भी स्पष्ट नहीं हो सकी। पेट की जांच से विषाक्त पदार्थ का अंदेशा लगा तो विसरा सुरक्षित कर दिया गया। विसरा से जहर या सदमे से मौत होने की पुष्टि की जाएगी।
शहर में ही कराई अंत्येष्टि
करन के बड़े भाई मुनेंद्र ने रुहेलखंड विश्व विद्यालय के पीछे कॉलोनी में घर बना रखा है। करन भी ज्यादातर वक्त उन्हीं के पास रहता था। पोस्टमार्टम हाउस पर सुबह काफी भीड़ हो गई तो पुलिस फोर्स बढ़ा दी गई। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव गांव ले जाना चाहते थे, लेकिन परिवार के ही कुछ लोग इसके पक्ष में नहीं थे। बाद में तय हुआ कि पीलीभीत बाईपास पर सेटेलाइट बस स्टैंड के पास स्थित श्मशान भूमि पर करन की अंत्येष्टि कर दी जाए। पुलिस भी यही चाहती थी। सुबह करीब आठ बजे करन का अंतिम संस्कार कर दिया गया।