तनाव में था रमेश
परिवार वालों ने बताया कि जेल से आने के बाद रमेश किसी से बात नहीं कर रहा था। चोरी के मामले में घर वालों ने उसकी जमानत नहीं कराई थी तो उसने जुर्म कुबूल कर सजा काट ली। परिजनों के मुताबिक, रमेश फिर से जेल जाने के डर से तनाव में था। उसने अपनी मां से यह बात कही था। हालांकि, वह आत्मघाती कदम उठा लेगा, इसका अंदाजा किसी को नहीं हुआ।
मां से कहता था ये बात
मृतक रमेश कई दिन पहले अपनी मां से कह रहा था कि अगर उसे फिर जेल हो गई तो वह जेल नहीं काट पाएगा। वह कई दिनों से गुमसुम था और किसी से बात नहीं कर रहा था। घटना की शाम करीब आठ-नौ बजे रमेश ने खाना खाया और अपने बाहर के कमरे में सो गया था। यह पता नहीं चल पाया कि वह कब खेतों की तरफ गया। घटनास्थल गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर है, जहां वह कल प्रसाद चढ़ाने भी गया था।