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Bareilly News: इतिहास संग्रहालय में ताला, धूल फांक रहीं धरोहरें

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बरेली। बरेली कॉलेज के विद्यार्थियों को ऐतिहासिक धरोहरों से रूबरू कराने के लिए स्थापित किए गए संग्रहालय पर ताला पड़ा है। इसके रखरखाव के लिए स्टाफ नहीं होने की वजह से धरोहरें धूल फांक रही हैं। विद्यार्थी लंबे समय से इसका ताला खुलवाने की मांग कर रहे हैं, मगर सुनवाई नहीं हो रही।
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महाविद्यालय में तत्कालीन संविदा शिक्षक शफीकउद्दीन के प्रयास से वर्ष 2018 में संग्रहालय की शुरुआत हुई थी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में जानकारी देना था, लेकिन करीब दो वर्ष पूर्व शिक्षक की संविदा समाप्त कर दी गई। इसके बाद से संग्रहालय में ताला पड़ा है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में विद्यार्थी कॉलेज में आते हैं। कई छात्र-छात्राएं गेट पर ताला देख मायूस होकर लौट जाते हैं।


रख-रखाव के लिए नहीं है स्टाफ
भवन पुराना होने से बरसात में दीवार से रिसकर पानी संग्रहालय में पहुंच जाता है। शफीकउद्दीन का कहना है कि संग्रहालय में रख-रखाव के लिए एक कर्मचारी तैनात किया जाना चाहिए, जिससे वहां रखे सामान की सुरक्षा हो सके। साथ ही विद्यार्थी भी इतिहास से रूबरू हो सकें। उन्होंने बताया कि अब भी महीने में एक-दो बार संग्रहालय खुलवाकर साफ-सफाई करवाते हैं।
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1965 का ग्रामोफोन, 100 वर्ष से अधिक पुराना टाइपराइटर
संग्रहालय में आजादी से पूर्व की भारतीय मुद्राएं, होलकर रियासत, जयपुर रियासत, ईस्ट इंडिया कंपनी, किंग एडवर्ड, किंग जार्ज षष्टम के दौर के स्टांप, नक्शा, पुराने फोटो, गैजेटियर, 1965 का ग्रामोफोन, टेलीफोन, 100 वर्ष से अधिक पुराना टाइपराइटर, लैंप, रेल यातायात में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, इज्जतनगर रेलवे स्टेशन का इतिहास आदि रखा गया है।

छात्रहित में खोला जाए संग्रहालय
कॉलेज में काफी समय से संग्रहालय बंद पड़ा है। ऐतिहासिक चीजों को देखने की उत्सुकता थी। कई बार देखने का प्रयास किया, लेकिन हर बार इसमें ताला ही पड़ा मिला। - अनुष्का मिश्रा, छात्रा

विद्यार्थियों के हित के लिए संग्रहालय खोलना चाहिए। इससे किताबों से इतर बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। इसे बेहतर करने का भी प्रयास करना चाहिए। - विकास, छात्र


विद्यार्थियों के लिए संग्रहालय का भ्रमण करना जरूरी है। इसकी देखभाल के लिए जल्द ही एक कर्मचारी तैनात किया जाएगा। - प्रो. ओपी राय, प्राचार्य, बरेली कॉलेज
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