इसराफील को राखी बांधतीं ज्योति चौहान, पंकज को राखी बांधतीं समयुन खान
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हमारा देश विभिन्न संप्रदाय और संस्कृतियों का गुलदस्ता है, जिसकी महक और झलक कहीं न कहीं किसी न किसी रूप में महसूस होती रहती है। ऐसा ही कुछ अहसास रक्षाबंधन के पर्व पर होता है। हर साल यह पर्व हिंदू-मुस्लिम के भेद को भी मिटाकर सौहार्द का संदेश दे जाता है। भाई-बहन के पवित्र रिश्तों की मिसाल भी पेश करता है। ऐसे ही कुछ रिश्ते बरेली शहर में भी हैं। जो अपने में एक मिसाल हैं।
इसराफील को राखी बांधती हैं पांच बहनें
सुभाष नगर निवासी इसराफील खान राश्मी की पांच हिंदू मुंह बोली बहनें हैं। सभी उन्हें राखी बांधती हैं। इसराफील ने बताया कि वर्ष 2015 में उनकी मुलाकात पीलीभीत बाइपास निवासी बहन ज्योति चौहान से हुई। घर आना-जाना हुआ तो जल्द ही मुलाकात भाई-बहन के रिश्ते में बदल गई। बहन ज्योति चौहान और बहनोई ओम चौहान हमारे परिवार के हर अच्छे बुरे हालात में मौजूद रहते हैं। इसी तरह मीनाक्षी, सौम्या बिष्ट, रिया महाजन, अपूर्वा त्रिपाठी भी उन्हें राखी बांधती हैं।