आईटीबीपी और बीएसएफ के अधिकारियों के साथ जवान
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला के बरेली संस्करण के 58वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को श्यामगंज स्थित कार्यालय परिसर में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के हिमवीरों और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के जवानों ने सहभागिता की। वह अमर उजाला के अब तक के सफर से रूबरू हुए। डॉक्यूमेंट्री के जरिये स्थापना से लेकर अब तक के बदलते स्वरूप को जाना। पूर्व सैनिकों ने अमर उजाला से जुड़े संस्मरण साझा किए।
आईटीबीपी बुखारा कैंप तृतीय वाहिनी के उप सेनानी मोहित वर्मा ने कहा कि समाचार पत्र सिर्फ कागज भर नहीं, बल्कि ज्ञान, सूचना, जागरूकता का जरिया है। सोशल मीडिया पर वायरल फेक न्यूज के दौर में प्रमाणिक और विश्वसनीय सूचना सिर्फ समाचार पत्र से ही मिलती है। अखबार हमें देश का जिम्मेदार नागरिक बनाता है। ये जनसमस्याओं को उठाकर सरकार की जवाबदेही तय कराते हैं। जनता और प्रशासन के बीच संवाद का अहम जरिया हैं।
अमर उजाला परिसर में आयोजित कार्यक्रम में हिमवीर और बीएसएफ के जवान
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मोहित वर्मा ने कहा कि समाचार पत्र से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलती है। इसमें विभिन्न आयुवर्ग के अनुसार सामग्री प्रकाशित होती है। जवानों के साथ ही उनके परिजन और शहर के नागरिकों से समाचार पत्र पढ़ने की अपील की, ताकि समसामायिक मुद्दों से जुड़े। ज्ञानवर्धन हो।
अमर उजाला परिसर में पूर्व सैनिक
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जब दस पैसे का छपता था अखबार तब से पढ़ रहे हैं..
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के पदाधिकारियों और सदस्यों ने संस्मरण साझा किए। महासचिव प्रथमेश गुप्ता ने बताया कि वर्ष 1970 में वह अमर उजाला से जुड़े। तब दस पैसे का अखबार मिलता था। तब से अब तक अमर उजाला ही पढ़ रहे हैं।
स्कूली बच्चों ने भी जाना कैसे छपता है अखबार
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल एलएन त्रिवेदी ने कहा कि जब जिम्मेदार समस्या पर आंखें मूंद लें तो समाचार पत्र उन्हें जगाते हैं। जगदीश यादव ने देशभक्ति की कविताएं सुनाकर माहौल में देशप्रेम का जज्बा भरा। कर्नल पंकज अग्रवाल ने अमर उजाला को निष्पक्ष खबर प्रकाशित करने वाला बताया। धनंजय शर्मा ने स्थानीय समस्याओं को उठाने के लिए सराहा।
छात्राओं ने भी जाना कैसे छपता है अखबार
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पूर्व जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल एलएन त्रिवेदी ने कहा कि जब जिम्मेदार समस्या पर आंखें मूंद लें तो समाचार पत्र उन्हें जगाते हैं। जगदीश यादव ने देशभक्ति की कविताएं सुनाकर माहौल में देशप्रेम का जज्बा भरा। कर्नल पंकज अग्रवाल ने अमर उजाला को निष्पक्ष खबर प्रकाशित करने वाला बताया। धनंजय शर्मा ने स्थानीय समस्याओं को उठाने के लिए सराहा।