फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: बरेली में हैदरी दल का सरगना मजहर गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्टकर फैलाता था नफरत

Fri, 16 Jan 2026 09:35 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली में हैदरी दल के नाम से सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर नफरत फैलाने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मजहर झारखंड का रहने वाला है। मठ चौकी प्रभारी ने उसकी गिरफ्तारी की। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया। 
विज्ञापन
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली में हैदरी दल के कई चैनलों व सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर नफरत फैलाने के आरोपी झारखंड निवासी सरगना मजहर की गिरफ्तारी की गई है। मजहर मोमोज विक्रेता है। कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि समाज में सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने के लिए काम कर रहे हैदरी दल की दुकान को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
विज्ञापन


शहर में हैदरी दल के लोगों ने वेलेंटाइन डे पर गांधी उद्यान में समुदाय विशेष की युवतियों को पार्क में रोककर अभद्रता की थी। सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो डालकर शहर का माहौल खराब करने का प्रयास किया गया था। कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर तब कई लोगों को जेल भेजा गया था। कार्रवाई के बाद हैदरी दल के सोशल मीडिया अकाउंट कुछ समय के लिए निष्क्रिय हो गए थे, लेकिन अब यह दोबारा सक्रिय होकर नफरत फैलाने लगे। 

सीओ प्रथम ने बताया कि पुलिस ने हैदरी दल के सबसे अधिक फॉलोअर वाले अकाउंट को ट्रेस कर लिया। अकाउंट झारखंड के जिला गिरीडीह से संचालित हो रहा था। सर्विलांस की मदद से गिरीडीह के थाना क्षेत्र जमुआ निवासी मजहर अंसारी को मठ चौकी प्रभारी विक्रांत तोमर ने पुराने रोडवेज स्टैंड के पास से गिरफ्तार कर लिया। मजहर हैदरी दल के नाम से नफरत फैलाने का मास्टरमाइंड निकला। मजहर को कोर्ट ने जेल भेजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मोमोज बनाने वाले के 23 हजार फॉलोअर
सीओ प्रथम ने बताया कि मजहर ने हाईस्कूल तक पढ़ाई की है। इसके बाद वह बंगलूरू के एक रेस्टोरेंट में मोमोज बनाने का काम करने लगा। आंध्र प्रदेश और दिल्ली में भी उसने मोमोज का काम किया। पहले मजहर सामान्य वीडियो डालता था। फॉलोअर बढ़ाने के लिए वीडियो एडिट कर खबरों की तरह बनाकर वायरल करने लगा। 24 मार्च को एक इंस्टाग्राम आईडी मजहर ने बनाई। इसका नाम हैदरी दल ऑफिशियल, राष्ट्रीय हैदरी रखा। 23 हजार लोग इस आईडी से जुड़े थे।

वीडियो एडिट कर फैलाता था नफरत
मजहर ने यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर भी हैदरी दल की आईडी बना रखी थी। यूट्यूब से विभिन्न स्थानों के पुराने वीडियो लेकर उन्हें एडिट कर वह भड़काऊ खबर बनाता था और उसे सच बताकर वायरल कर देता था। उसके वीडियो से समुदाय विशेष की भावनाएं भड़कने का खतरा बना रहता था। पुलिस ने मजहर का मोबाइल भी बरामद कर लिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें