बरेली। लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर बरेली-सीतापुर फोरलेन का करीब चार साल से लटका काम 15 दिसंबर से शुरू कराने की तैयारी है। करीब सात अरब का ठेका होने के बाद एनएचएआई के अधिकारियों का कहना था कि यह काम जनवरी-फरवरी में ही शुरू हो पाएगा, लेकिन डीएम ने काम नवंबर में ही शुरू करने के निर्देश दिए थे। कांट्रेक्ट लेने वाली कंपनी ने चार जगहों पर हॉटमिक्स प्लांट लगाने के लिए जगह चिह्नित कर ली है। बरेली के साथ शाहजहांपुर, खीरी और सीतापुर जिलों में एक साथ काम शुरू होगा। काम 15 महीने में पूरा किया जाना है।
बरेली से सीतापुर के बीच 157 किलोमीटर लंबे इस खस्ताहाल हाईवे और अधूरे फ्लाईओवर की वजह से यहां आए दिन हादसों में मौतें हो रही हैं। पिछले साल इरा इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी पर एनएचएआई केस भी दर्ज करा चुका है। सवा साल बाद एनएचएआई ने इस अधूरे प्रोजेक्ट का काम पूरा कराने के लिए नौ अक्तूबर में हुई टेंडर प्रक्रिया में करीब सात अरब के इस काम का कांट्रैक्ट आगरा की राज कारपोरेशन लिमिटेड नाम की कंपनी को दिया जा चुका है। ठेका होने के बाद एनएचआई के अधिकारियों का कहना था कि कंपनी को हॉटमिक्स प्लांट लगाने सहित कई शुरूआती तैयारियों के लिए कुछ वक्त चाहिए। इसके लिए जनवरी-फरवरी से पहले काम शुरू कर पाना मुमकिन नहीं है। लेकिन डीएम नितीश कुमार ने कुछ दिन पहले एनएचएआई पीडी एनपी सिंह को बुलाकर नवंबर में ही काम शुरू कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद ठेका कंपनी ने बरेली के पास, शाहजहांपुर में रोजा, खीरी में मैगलगंज के नजदीक और आगे सीतापुर के पास चार जगहों पर हॉटमिक्स प्लांट लगाने के लिए जमीन चिह्नित कर ली हैं। इन सभी जिलों में एक साथ काम शुरू करके अधूरे हाईवे और पुलों का काम 15 दिसंबर से युद्घस्तर पर कराने की प्लानिंग तैयार कर ली गई है।
‘इस काम के लिए ठेका कंपनी को 15 दिसंबर से काम शुरू कराने के निर्देश दे दिए हैं। बरेली से सीतापुर के बीच चार हॉटमिक्स प्लांट लगेंगे। इन सभी जगहों पर एक साथ निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, ताकि ये काम जल्द पूरा हो सके।’
- एनपी सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई