बरेली। लखनऊ हाईवे पर चार साल पहले अधूरे छोड़े गए सीतापुर फोरलेन के प्रोजेक्ट के लिए 14 अक्तूबर को वित्तीय टेंडर खुलने के साथ यह भी तय होने की उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी किस कंपनी के पास होगी। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि कंपनी तय हो जाने के बाद काम शुरू करने के लिए एक माह का वक्त और लेगी। यहां बता दें कि इससे पहले यह वित्तीय टेंडर शुक्रवार को खुलने थे, पर तीन कंपनियों में एक के कागज पूरे न होने से ठेका नहीं दिया जा सका था।
पिछले साल करीब 2200 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को इरा इंफ्रा स्ट्रक्चर नाम की कंपनी अधूरा छोड़कर भाग गई थी। करीब चार से लावारिस छोड़े गए इस हाईवे के लगातार टूटने और दरकने से उस पर कई जगहों पर खतरनाक गड्ढे होने सेे एक्सीडेंट हो रहे हैं। एनएचएआई के अधिकारियों ने हाईवे के बरेली से सीतापुर तक 157 किलोमीटर लंबे हिस्से को बनाने के लिए 7.67 अरब के काम के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। पिछले बुधवार को एनएचएआई के दिल्ली मुख्यालय पर तकनीकी निविदाओं में चार कंपनियों ने टेंडर डाले थे। इनमें तीन कंपनियां पास हो चुकी हैं। शुक्रवार को कंपनी तय करने के लिए वित्तीय निविदाएं खुलनी थीं, लेकिन एक कंपनी के कुछ कागजात पूरे न होने से टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब सोमवार को वित्तीय निविदा खुलनी है। ठेका हो गया तो अधूरे पड़े इस हाईवे का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है।