बरेली। बरेली-बीसलपुर के करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट में गड़बड़ी की परतें फिर से उधड़नी शुरू हो गई हैं, जबकि जुलाई में ही इस रोड का काम पूरा हुआ था। खतरा यह भी है कि कई जगहों पर रोड की चौड़ाई कम-ज्यादा होने से वहां एक्सीडेंट जोन बन गया है। भड़रिया मोड़ पर बने नवनिर्मित पुल और उसकी एप्रोच रोड अभी से ही दरकने लगी है। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर ने इसकी जांच कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने सड़क के इस प्रोजेक्ट को लेकर पहले भी खेल किया था। इस रोड का काफी आधा-अधूरा छोड़ दिए जाने का मामला शासन तक पहुंचा था तो पिछले साल शासन ने छह इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने बरेली जिले में आने वाले रोड के हिस्से का करीब साढ़े तीन करोड़ से नवीनीकरण करा दिया, जबकि पीलीभीत में चुर्रासकतपुर से बीसलपुर तक करीब 17 किलोमीटर लंबी सड़क का दोबारा टेंडर कराया गया। करोड़ों के इस प्रोजेक्ट में भड़रिया मोड़ पर पुल का निर्माण भी कराया गया था। बीती जुलाई में पूरी हुई यह सड़क अभी से ही खराब होनी शुरू हो गई है। अभी कैलाश पुल से डंडिया नवाजिस अली तक रोड का नवीनीकरण कराया ही नहीं गया है। कैलाश पुल से बरेली के बीच कई जगहों पर बड़े गड्ढे हो गए हैं। भड़रिया मोड़ पर नवनिर्मित पुल और उसकी एप्रोच रोड पर अभी से ही दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं। इसके साथ ही कई ओर जगहों पर रोड खराब होने से हादसे की आशंका पैदा हो गई है। इससे इस रोड निर्माण के मानकों पर अंगुली उठ रही हैं।
मंडलायुक्त के पास भेजा गड़बड़ी का काला चिट्ठा
इस रोड के निर्माण के लिए आंदोलन करने वाले क्रांतिकारी विचार मंच के संरक्षक देवस्वरूप पटेल ने इस प्रोजेक्ट की गड़बड़ी का काला चिट्ठा कमिश्नर रणवीर प्रसाद तक पहुंचा दिया है। उनका कहना है कि करोड़ों से बनी इस रोड का अभी से ये हाल है तो आगे स्थिति और भी ज्यादा खराब होगी। उन्होंने कमिश्नर से इसकी जांच कराने की मांग की है।
इस रोड के निर्माण को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। अधिकारियों की टीम बनाकर इसकी जांच कराई जाएगी कि निर्माण में मानकों की अनदेखी तो नहीं हुई है।
-प्रमेश गुप्ता, चीफ इंजीनियर, लोक निर्माण विभाग