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लाल फाटक प्रकरण- रेल का सफर होगी मजबूरी, डग्गामारों की होगी बल्ले-बल्ले

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बरेली। रेलवे की मंशा के मुताबिक अगर लाल फाटक रोड सभी वाहनों के लिए पूरी तरह बंद हुआ तो बदायूं, आगरा और मथुरा दिशा के लोगों को बड़ी दुश्वारी झेलनी पड़ सकती है। उनके लिए रेल का सफर करना मजबूरी होगी। डग्गामार वाहन संचालकों की मौज आएगी। इसकी वजह डायवर्जन के विकल्प के तौर पर अन्य रास्तों का ज्यादा लंबा और बढ़ा किराया होगा। रोडवेज को भी पहले की तरह बड़ा घाटा झेलना होगा।
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रेलवे एक सितंबर से करीब डेढ़ साल के लिए लाल फाटक रोड को वाहनों के लिए पूरी तौर से बंद कराने को प्रयासरत है। ओवरब्रिज निर्माण के लिए इसकी जरूरत बताई गई है। हालांकि अभी तक प्रशासन और पुलिस ने इसके लिए सहमति नहीं दी है। बावजूद माना जा रहा है कि रेलवे की जिद वाली स्थिति में रोड को बंद करना मजबूरी होगी। वहीं, चौपुला चौराहे पर ओवरब्रिज का विस्तार अब सिटी स्टेशन रोड की ओर बढ़ रहा है। यहां सेतु निगम की कवायद से रोड संकरा होने जा रहा है जिसका खामियाजा बदायूं, मथुरा और आगरा जाने वाले वाहनों को जल्दी ही भुगतना पड़ सकता है।
अभी तक की स्थिति में लाल फाटक रोड बंद होने पर ट्रक व रोडवेज बसों को फरीदपुर से बुखारा रोड होकर रामगंगा लाया जाएगा। इस लिहाज से बसों को करीब चालीस किमी का फेर खाकर शहर से तीन किमी दूर बुखारा मोड़ पहुंचना होगा। इसमें किराया भी साठ से सौ रुपये होने की संभावना है। कुछ वाहनों को और आगे फतेहगंज पूर्वी से दातागंज होकर बदायूं निकाला जा सकता है, इसमें बदायूं की पचास किमी की दूरी सौ किमी से ज्यादा हो सकती है। इस लिहाज से लोग बसों में सफर करने से साफ बचेंगे। एक घंटे का सफर तीन घंटे में पूरा करना और ज्यादा किराया देना कोई नहीं चाहेगा। तब रेल सेवी सबसे पहली पसंद होगी जिसमें बदायूं का टिकट केवल दस रुपये का है। हालांकि ट्रेनों की सीमित संख्या के चलते टाइमिंग को लेकर लोगों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में नेकपुर मिल कैंपस से होने वाला डग्गामार वाहनों का संचालन कई गुना बढ़ सकता है। अवैध बस संचालकों की भी मौज आएगी और वे नेकपुर से बदायूं तक अपनी बसों को धड़ल्ले से संचालित कर सकेंगे।
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सेटेलाइट चौराहे पर रोटरी की खुदाई शुरू, लगने लगा जाम
बरेली। सेटेलाइट चौराहे पर भी सेतु निगम ने ओवरब्रिज निर्माण के काम को विस्तार दिया है। बीच में रोटरी के हिस्से को तोड़कर पिलर बनाने का काम शुरू हो गया है। इससे चौराहे के एक बड़े हिस्से को घेरा गया है जिससे वाहनों के निकलने को सड़क सीमित हुई है। इससे दोपहर के वक्त जाम भी लग रहा है। रविवार को ईसाईयों की पुलिया से लेकर सेटेलाइट चौराहे तक जाम की स्थिति बनी रही। हालांकि इसकी वजह दधिकांधों शोभायात्रा में बढ़े वाहनों की संख्या भी रही। काम की तेजी के साथ समस्या और बढ़ने की उम्मीद है। सेतु निगम के अधिकारियों ने भी काम में तेजी लाने की बात कही है।

- जब तक संयुक्त बैठक में कोई निर्णय नहीं होता, तब तक इस बारे में कुछ कहना ठीक नहीं है। जरूरत के हिसाब से डायवर्जन किया जाएगा। - एससी गंगवार, एसपी ट्रैफिक
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