बरेली। लखनऊ हाईवे के लगातार टूटने और दरकने से आए दिन होने वाले हादसों में कई लोगों की जानें जा चुकी हैं। इस हाईवे के प्रोजेक्ट का काम वैसे तो कई साल से ठप पड़ा है, लेकिन पिछले साल इरा कंपनी के बीच में ही काम छोड़कर फरार होने के बाद इस हाईवे की हालत दिन पर दिन खतरनाक होती जा रही है। कमिश्नर सहित कई अफसर एनएचएआई को इसके लिए कई बार फटकार भी लगा चुके हैं। अब केंद्रीय मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को चिट्ठी भेजकर इस हाईवे का काम शीघ्र शुरू कराने की पैरवी शुरू कर दी है। केंद्रीय मंत्री ने एनएचएआई के चेयरमैन नागेंद्र नाथ सिन्हा को भी चिट्ठी लिखकर हाईवे की दुर्दशा बयां की है।
यहां बता दें कि लखनऊ हाईवे पर सीतापुर तक चौड़ीकरण और कई जगहों पर फ्लाईओवर व रेलवे ओवरब्रिज बनाने का कांट्रेक्ट वर्ष 2011 में इरा इंफ्रा स्ट्रक्चर नाम की कंपनी को दिया गया था। कंपनी ने 2013 तक काम पूरा करना था, लेकिन कंपनी ने काम काफी धीमी रफ्तार से किया। बाद में वह अधूरा प्रोजेक्ट बीच में ही छोड़कर भाग गई। फरीदपुर के पास गौसगंज में टोल प्लाजा के पास हाईवे का काम एक तरफ अधूरा है।
रूट डायवर्जन होने से यहां कई बड़े हादसे हो चुके हैं। फरीदपुर बाईपास की मिट्टी बहने से फ्लाईओवर व एप्रोच रोड के ध्वस्त होने का खतरा बना हुआ है। हाईवे पर खतरनाक खड्ड से भी बड़े एक्सीडेंट का खतरा बना हुआ है। मंत्री नितिन गडकरी और एनएचएचआई के चेयरमैन को भेजी चिट्ठी में संतोष गंगवार ने कहा है कि उन्होंने एनएचएआई को हाईवे की मरम्मत के लिए 42 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। केंद्रीय मंत्री ने इसे मंजूर करने के साथ ही हाईवे के अधूरे कामों को जल्द पूरा करने की गुजारिश की है।