मैनेजर ने बुधवार को दाखिल की याचिका
हाईकोर्ट ने जुलाई तक आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। अगली तारीख दो जुलाई को दी है। हालांकि तीन अन्य मामलों में अभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। इसके अलावा मैनेजर अमित ने भी बुधवार को हाईकोर्ट में अधिवक्ता शहनवाज अख्तर के माध्यम से याचिका दाखिल कर एफआईआर को रद्द करने की मांग की है।
आरोपियों पर कार्रवाई न होने से आक्रोशित अधिवक्ता सदर विधायक के साथ बुधवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे। जिला बार एसोसिएशन के महासचिव अरविंद सिंह परमार ने एसएसपी को पत्र देते हुए कहा कि 67 और लोगों को कंपनी ने ठगा है। उन्होंने बताया कि उनकी ओर से दर्ज कराए मुकदमे में इन सभी को विवेचना में शामिल किया जाए।
जिले में किसी अधिवक्ता ने नहीं की पैरवी
कंपनी के निदेशक, एजेंट और मैनेजर पर दर्ज हुई एफआईआर में जिलास्तर पर किसी अधिवक्ता ने कोर्ट में पैरवी नहीं की। जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इसको लेकर कुछ दिन पहले आह्वान किया था। अब इसका असर दिख रहा है।
पैरवी के लिए एसपी सिटी को भेजेंगे पत्र
निदेशकों की गिरफ्तारी पर रोक के बाद बुधवार को अधिवक्ताओं ने एसपी सिटी विजयेंद्र से मुलाकात कर सरकारी अधिवक्ता से पैरवी कराने की मांग की। इस पर एसपी सिटी ने पत्र भेजने की बात कही है।
एसपी सिटी विजेंद्र दुबे ने बताया कि हाईकोर्ट से निदेशकों की गिरफ्तारी पर रोक होने की जानकारी मेरे पास नहीं आई है। सदर विधायक व अधिवक्ता आए थे। उन्होंने विवेचना में शामिल करने के लिए पीड़ितों की विवरण दिया है। इस पर कार्रवाई की जा रही है।
जिला बार एसोसिएशन के महासचिव अरविंद पाल सिंह परमार ने बताया कि मंगलवार को हाईकोर्ट में तारीख थी। वहां वादी के अधिवक्ता ने समय मांगा था। इस पर कोर्ट ने निदेशक शशिकांत और सूर्यकांत की गिरफ्तारी पर जुलाई तक रोक लगाई है। दो जुलाई को होने वाली सुनवाई में सभी दस्तावेजों को रखा जाएगा। मजबूती से मुकदमा लड़ा जाएगा।