नवाबगंज की लाई खेड़ा गोशाला में जांच करते अधिकारी
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बरेली में भूसा खरीद में घपलेबाजी का संज्ञान लेते हुए शासन ने प्रकरण की जांच के लिए तीन टीमें गठित कर दी हैं। इनमें नौ अधिकारी शामिल हैं। जांच के लिए इन्हें ब्लॉकों का आंवटन भी शासन स्तर से ही किया गया है। तीनों टीमों ने मंगलवार देर शाम जिले में आकर डेरा डाल दिया। इससे ब्लॉक से लेकर ग्राम पंचायतों तक खलबली मची है। बुधवार सुबह से इन टीमों ने गोशालाओं में जाकर जांच शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि सोमवार को पशुधन मंत्री की अध्यक्षता में लखनऊ में हुई बैठक में बरेली की गोशालाओं में भूसा खरीद में घपलेबाजी का मामला चर्चा में आया। इसके बाद मंत्री और प्रमुख सचिव के निर्देश पर निदेशक (प्रशासन एवं विकास) डॉ. योगेंद्र सिंह पंवार ने तीन टीमें गठित की हैं। ये टीमें अपर निदेशक मेमपाल सिंह की अध्यक्षता में बनी हैं। इन तीनों टीमों का नेतृत्व संयुक्त निदेशक डॉ. पीके सिंह, डॉ. सतीश अग्रवाल और डॉ. संजय अग्रवाल कर रहे हैं।
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इस संबंध में निदेशक ने डीएम को पत्र भेजकर एक अप्रैल 2024 से 31 मई 2025 तक भूसे की खरीद के संबंध में संपूर्ण विवरण जांच टीम को उपलब्ध कराने के लिए कहा है। इधर, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सीवीओ) डॉ. मनमोहन पांडेय ने उच्च स्तर से निर्देश मिलते ही सभी डिप्टी सीवीओ व विभाग के अन्य अधिकारियों को जांच टीम का सहयोग करने के लिए कहा है।
ग्राम पंचायतों में प्रधान और पंचायत सचिवों को भूसा खरीद के अभिलेखों के साथ जांच टीम के सामने उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। संयुक्त निदेशक डॉ. पीके सिंह ने बताया कि बरेली में भूसा खरीद के संबंध में जांच के लिए निदेशक स्तर से टीमें गठित हुई हैं। वह 19 जून को बरेली आएंगे। तब तक उनके नेतृत्व वाली टीम बरेली पहुंच रही है।