बरेली। भारत में करीब 14 करोड़ लोग किसी न किसी रूप से किडनी रोग से प्रभावित हैं। अनियंत्रित उच्च रक्तचाप, मधुमेह और अस्वास्थ्यकर खानपान इसका प्रमुख कारण है। ये बात फिजीशियन एसोसिएशन ऑफ बरेली की ओर से पीलीभीत रोड स्थित एक होटल में आयोजित संगोष्ठी में मुख्य वक्ता वरिष्ठ गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार सिंघल ने कहीं।
उन्होंने कहा कि देश में अंतिम चरण की किडनी विफलता से जूझ रहे करीब दो लाख मरीजों को प्रत्यारोपण की आवश्यकता है, लेकिन उपयुक्त दाता न मिलना सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने समाज से अंगदान के लिए आगे आने की अपील की।
आईएमए यूपी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. रवीश अग्रवाल विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वरिष्ठ यूरो सर्जन डॉ. दुष्यंत नादर ने कहा कि आधुनिक तकनीकों के चलते अब किडनी प्रत्यारोपण अधिक सुरक्षित और कम जटिल हो गया है। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सहायता कोष की ओर से मिलने वाली आर्थिक मदद की जानकारी भी दी।
संचालक डॉ. सुदीप सरन ने चेतावनी दी कि बिना चिकित्सकीय सलाह के लगातार पेन किलर्स, अप्रमाणित दवाओं और कुछ प्रकार की भस्मों का सेवन गुर्दों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है। कार्यक्रम में डॉ. अनूप आर्य, डॉ. राजीव गोयल, डॉ. निकुंज गोयल, डॉ. अरुण कुमार साह, डॉ. सचिन अग्रवाल आदि मौजूद रहे।