बरेली। गुरुवार को सीएए के विरोध में पीलीभीत में महिलाएं धरना देने सड़क पर बैठ गईं। अचानक शुरू हुए धरने की जानकारी डीआईजी को मिली तो उन्होंने इसे तत्काल खत्म कराने के निर्देश दिए। साथ ही पूरे मंडल में अलर्ट जारी कर दिया। बाद में डीजीपी मुख्यालय के निर्देश पर चेकिंग अभियान चलाया गया।
सीएए और एनआरसी को लेकर देश भर में बवाल के बीच बरेली रेंज पूरी तरह शांत रहा। गुरुवार को पीलीभीत में सीएए के विरोध में धरने की सूचना से एडीजी और डीआईजी ने एसपी पीलीभीत से बात की। उनसे पूछा गया कि स्थिति नियंत्रण में है या किसी तरह की मदद चाहिए। डीआईजी राजेश पांडेय ने एसपी पीलीभीत को निर्देश दिए कि तत्काल धरना खत्म कराएं। शासन स्तर से साफ निर्देश हैं कि इस तरह के विरोध प्रदर्शन पर सख्ती से लगाम लगाई जाए। डीआईजी पीलीभीत रवाना होने वाले थे, इससे पहले ही धरना खत्म होने की सूचना मिल गई।
बाद में नोएडा, आजमगढ़ में हुई लूट, लखनऊ की वजीरगंज कचहरी में देसी बम के हमले और कुछ बम बरामद होने की खबर से डीजीपी मुख्यालय से अलर्ट घोषित किया गया। गुरुवार दोपहर दो घंटे चेकिंग का निर्देश दिया गया। इस दौरान पुलिस ने सड़क पर संदिग्ध लोगों व वाहनों की चेकिंग की। न्यायालय परिसर में भी चेकिंग कर रहे स्टाफ को और सजग किया गया। स्टेशन चौकी प्रभारी सिद्धांत शर्मा ने सीजेएम कोर्ट जाकर सुरक्षा बंदोबस्त देखा। उन्होंने बताया कि चेकिंग को और प्रभावी बनाया जाएगा।