मेयर का चुनाव हारे सपा प्रत्याशी डा. आईएस तोमर का कहना है कि बरेली की जनता ने उनको न पहले कभी हराया, न इस बार हराया। प्रशासन ने ईवीएम में गड़बड़ी कराकर उनके 50 हजार वोट कम करा दिए। यही उनकी हार की वजह बना। वह ईवीएम से मतगणना की बारीकियों का अध्ययन कर रहे हैं। कानूनी राय लेने के बाद जो भी जरूरी होगा, वह कदम उठाएंगे। प्रस्तुत है डा. आईएस तोमर से बातचीत के प्रमुख अंश-
प्र. चुनाव में आपकी हार की वजह क्या रही ?
जवाब : हम चुनाव हारे ही नहीं तो वजह क्या होगी। सपा में मुझे लेकर मतभेद नहीं थे। थोड़े-बहुत थे भी तो वह निष्प्रभावी थे। संगठन ने एकजुट होकर मुझे चुनाव लड़ाया। मुझे चुनाव जनता ने नहीं, प्रशासन और ईवीएम ने हराया।
प्र. ईवीएम में आपको क्या गड़बड़ी लगी ?
जवाब : चुनाव आयोग ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में जिन ईवीएम का इस्तेमाल करने से इन्कार कर दिया, निकाय चुनाव में उनका इस्तेमाल किया गया। उसमें चेचिस नंबर नहीं थे। गड़बड़ी की पूरी गुंजाइश थी। लिहाजा वही हुआ जो प्रशासन ने तय किया था। ईवीएम से बेईमानी के आरोप पर मैं पूरी तरह कायम हूं।
प्र. मुस्लिम बहुल इलाकों में भाजपा को वोट मिलने की वजह ?
जवाब : तीन तलाक के मुद्दे पर भाजपा को वोट मिलने की बात कही जा रही है। मैं दावे से कहता हूं कि तीन तलाक पर मुस्लिम महिलाओं ने भाजपा को वोट नहीं दिया। सब बेकार की बातें हैं। प्रशासन ने पहले ही भाजपा को चुनाव जिताने का तय कर लिया था।
प्र. क्या आप अपने आरोपों पर कोर्ट जा रहे हैं ?
जवाब : हम विशेषज्ञों से कानूनी राय ले रहे हैं। यह अकेले मेरे साथ नहीं बल्कि शहर की जनता के साथ बेईमानी है। हाईकमान से भी बात करेंगे। उसके बात कोर्ट जाने का निर्णय लेंगे।
प्र. एक विरोधी कहते हैं कि आपकी सियासी पारी खत्म?
जवाब : राजनीति में मेरे पास अभी भी बहुत विकल्प बाकी बचे हैं। जो लोग ऐसा कहते है, उनकी सियासी पारी का अंत पहले ही हो चुका है। वह जितने भी चुनाव लड़े, सब हारे। आगे भी कोई चुनाव लड़कर देख लें, वह भी हारेंगे। अब वह जिस पार्टी में गए हैं, वहां पर उनकी स्थिति सबसे निमभन स्तर की है। मेरा राजनीतिक भविष्य सपा हाईकमान तय करेगा।