स्वास्थ्य महकमे को ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की जान की परवाह नहीं है। मीरगंज में गर्भवती महिला ढाई घंटे तक तड़पती रही लेकिन सूचना के बावजूद 102 सरकारी एंबुलेंस नहीं पहुंच पाई। वक्त पर इलाज नहीं मिला तो उसने बरेली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। सीएमओ ने एंबुलेेंस ड्राइवर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
आदर्श नगर कालोनी निवासी तौफीक हाईवे निर्माण एजेंसी में सुपरवाइजर है। उसकी 23 वर्षीय पत्नी शमीम को शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे प्रसव पीड़ा हुई। उस समय तौफीक मिलक गया था। तुरंत 102 एंबुलेंस को फोन किया गया। ड्राइवर ने तुरंत पहुंचने की बात कही। लोग इंतजार करते रहे। बार-बार फोन किया मगर ढाई घंटे तक स्वास्थ्य महकमे की टीम नहीं पहुंच पाई। महिला के तड़पने पर घर वाले प्राइवेट वाहन से उसे बरेली ले आए। वहां एक प्राइवेट अस्पताल में दिखाया गया मगर डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद पति दूसरे अस्पताल में ले गया। वहां मृत बच्चा पैदा हुआ। रात में महिला ने भी दम तोड़ दिया। उसकी तीन और एक साल की दो बेटियां हैं।
कोट
मामला गंभीर है, सोमवार को दोषी एंबुलेंस ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई होगी। भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो, उसके लिए एंबुलेंस संचालकों के लिए निर्देश भी जारी किए जाएंगे।
डॉ. विजय यादव, सीएमओ