कांवड़यात्रा के मद्देनजर शनिवार सुबह सात बजे से भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू हो जाएगा। इसके तहत तीन दिन तक शहर में भारी वाहनों की नो एंट्री रहेगी। डायवर्जन होने पर लखनऊ की ओर से बरेली होकर दिल्ली जाने वालों के लिए करीब 40 किमी की दूरी बढ़ जाएगी।
सावन में सोमवार को जलाभिषेक करने के लिए बरेली से करीब 80 प्रतिशत कांवड़िया गंगाजल लेने बदायूं के कछला घाट जाते हैं। बाकी 20 प्रतिशत कांवड़िये हरिद्वार से गंगाजल लाते हैं। दूसरे सोमवार को जलाभिषेक करने वाले कांवड़ियों की संख्या ज्यादा रहने की उम्मीद है।
ट्रैफिक पुलिस के प्लान के मुताबिक लखनऊ की ओर से आने वाले भारी वाहन इन्वर्टिस से बड़ा बाईपास होकर मिलक, रामपुर शाहबाद, बिलारी, बबराला, नरौरा, बुलंदशहर होकर दिल्ली जाएंगे। इसी रूट पर दिल्ली की ओर से बरेली की तरफ आने वाले वाहन चलेंगे।
बरेली से रामपुर, मुरादाबाद जाने वाले भारी वाहन बड़ा बाईपास होकर चलेंगे। यहां से दिल्ली जाने वाली रोडवेज बसें सैटेलाइट से चलेंगी। बरेली से आगरा की ओर जाने-आने वाले वाहन बड़ा बाईपास होकर मिलक, रामपुर, शाहबाद, बिलारी, बबराला, गुन्नौर, नरौरा और अलीगढ़ होकर चलेंगे।
सीबीगंज के परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र से ट्रांसपोर्ट नगर जाने आने वाले भारी वाहन बड़ा बाईपास से गुजारे जाएंगे। बरेली से बदायूं की जाने आने वाली रोडवेज बसों और छोटे वाहनों का रूट डायवर्जन रविवार सुबह छह बजे से लागू होगा।
कांवड़यात्रा को लेकर रूट डायवर्जन पहले से तैयार कर लिया गया है, जो सावन में तीन दिन लागू रहेगा। डायवर्जन के लिए जगह-जगह बैरियर लगाए गए हैं। पुलिस की ड्यूटी भी रहेगी-
सुभाष गंगवार, एसपी ट्रैफिक
रोडवेज बसों का रूट डायवर्जन पुलिस की व्यवस्था के हिसाब से होता है। नेशनल हाईवे पर कांवड़ियों की भीड़ न रहने तक बसें सीधे चली जाती हैं। कांवड़िया ज्यादा रहते हैं तो बसें पुलिस के तय किए रास्ते से होकर चलती हैं। रूट डायवर्जन होने पर दिल्ली की दूरी करीब 40 किमी बढ़ जाती है। हालांकि किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाती है-
चीनी प्रसाद, एआरएम रोडवेज