'पुलिस बिकाऊ है...'
नीरज ने कहा कि मैं बच्चों के साथ बहुत खुश था, लेकिन यह मकान खरीदकर फंस गया। ये (आरोपी) मकान न किसी को लेने देता है और न ही रहने देता है। आरोप लगाया कि बरेली की पुलिस बिकाऊ है। नीरज ने आगे कहा कि आज मेरे पास इतनी दौलत नहीं है मैं मुकदमेबाजी करूं। रामभरोसे दबंग और पैसेवाला है। उसके साथ कैसे लड़ाई करूं। बताया कि मैं वाल्मीकि समाज से हूं। जब किरण वर्मा राजवीर वर्मा के मकान खरीदा था, तब आरोपियों ने जातिसूचक टिप्पणी की थी। क्या अपनी जाति में जन्म लेना गुनाह है।
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महिला मित्र के सामने की बेइज्जती
नीरज ने वीडियो में बताया है कि वह एक आशा कार्यकर्ता को यह मकान दिखाने लाए थे। उन्हें किसी परिचित को इसे किराये पर दिलवाना था। तभी पड़ोसी के दो लड़कों ने उन्हें रोककर धमकाया। कहा कि इस मकान को खरीद तो लिया है लेकिन बेचने की गलती न करना। मकान बेचो तो केवल वही खरीदेंगे।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपी पिता-पुत्र को हिरासत में लिया गया है।