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स्क्रीनिंग करने गांव पहुंची स्वास्थ्य टीम को झेलना पड़ा विरोध

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कोरोना जांच करता स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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नोएडा, दिल्ली और पानीपत से आए युवकों की जांच करने गई थी टीम
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कार्रवाई की चेतावनी पर जांच कराने को राजी हुए लोग, तीनों मिले सामान्य

बिशारतगंज। दिल्ली, नोएडा और पानीपत से आए लोगों की सोमवार को जांच करने पहुंची मझगवां स्वास्थ्य विभाग की टीम को काफी विरोध का सामना करना पड़ा। बाद में एफआईआर और जेल भेजने की चेतावनी दी लोग स्क्रीनिंग के लिए तैयार हुए। हालांकि स्क्रीनिंग में तीनों लोग सामान्य पाए गए।
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गांव फुलासी का एक युवक पानीपत और दूसरा दिल्ली में काम करता था। 28 मार्च को दोनों घर लौटे थे। इसकी जानकारी होने पर मझगवां पीएचसी से डॉ. मनोज मिश्रा, डॉ. विपिन झा और स्टाफ नर्स रूबी रस्तोगी गांव पहुंची। आशा कार्यकर्ता को साथ लेकर पहले दिल्ली से आए युवक की जांच की। फिर पानीपत से आए युवक के घर पहुंचे तो उसने जांच कराने से इनकार कर दिया। झगड़े पर उतारू हो गया और अभद्रता करने लगा। डाक्टरों ने उसे समझाया कि जांच न करने पर उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है और उसे जेल जाना पड़ सकता है। तब कहीं जाकर वो जांच के लिए राजी हुआ। इसके अलावा भिंडौरा गांव में नोएडा से आए युवक की जांच की गई। नोएडा में जिस सेक्टर में वह रहता था। वहां कोरोना संक्रमित मिलने पर सीडीओ ऑफिस से विवरण भेजा गया था। कोविड-19 टीम के प्रभारी अतुल कुमार गांव की आशा के साथ जांच को पहुंचे तो युवक का भाई अभद्रता करने लगा। बाद में कार्रवाई की चेतावनी देने पर जांच कराई। मझगवां के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. वैभव राठौर ने बताया कि तीनों जांच में सामान्य मिले हैं।
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