झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई करने में जिले का प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग किस तरह मेहरबान है इसका नमूना एयरफोर्स के पास चल रहे हिना क्लीनिक पर एकाएक हुई सख्ती से पता चलता है। ये सख्ती सीएम के आदेश पर हुई। तीन साल पहले इस क्लीनिक की जांच में ये साबित हो गया था कि इसके संचालक के पास कोई वैध डिग्री नहीं है। एसीएमओ ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश भी दे दिए लेकिन कुछ नहीं हुआ। वही पुरानी शिकायत जब सीएम तक पहुंची तो मामले का संज्ञान लिया गया और मुख्यमंत्री के आदेश पर कमिश्नर इसे सोमवार में सीज करा दिया है।
एयरफोर्स के पास जमशेद हिना क्लीनिक के नाम पर अस्पताल चला रहे थे। वर्ष 2013 में एक शिकायतकर्ता द्वारा जमशेद की शिकायत सीएमओ और एडी हेल्थ कार्यालय में की गई थी। जानकारी के मुताबिक जांच में जमशेद के पास किसी प्रकार की कोई डिग्री नहीं थी। बावजूद इसके वह अपनी दुकान चला रहा था। यही नहीं, गंभीर मरीजाें को क्लीनिक में भर्ती कर उनका इलाज भी किया जाता था। इसकी शिकायत के बाद 2013 में तत्कालीन एडी हेल्थ ने छापा मारा और जमशेद के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियाें के मुताबिक उनकी जांच में भी जमशेद के पास किसी प्रकार की कोई डिग्री नहीं पाई गई थी। फर्जी डॉक्टर पर कार्रवाई करने गए एसीएमओ डॉ. आलोक चंद्रा ने बताया कि वर्ष 2013- 14 में इसके खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए गए थे। लेकिन कुछ नहीं हुआ। वहीं शिकायतकर्ता द्वारा दोबारा मुख्यमंत्री से शिकायत की गई तो वहां से कमिश्नर को संबंधित शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मामले को गंभीरता से लेकर सोमवार को स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की टीम ने पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर अस्पताल को सीज कर दिया।
- और भी चल रहे हैं फर्जी क्लीनिक
सीबीगंज में 41 फर्जी चिकित्सकाें की सूची इलाके के लोगाें द्वारा सौंपे जाने के बाद भी अभी तक सीएमओ कार्यालय की ओर से इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इलाके के लोगों के मुताबिक इन चिकित्सकों ने छोटे- छोटे कमरों में अस्पताल खोल रखा है। जहां मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
- वर्जन--
‘वर्ष 2013 का मामला था यह। एडी हेल्थ ने जांच कर अस्पताल संचालक डॉ. जमशेद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को कहा था लेकिन कुछ हुआ ही नहीं। कमिश्नर के आदेश पर सोमवार को क्लीनिक सीज की गई है।’
डॉ. आलोक चंद्रा, एसीएमओ