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Bareilly News: जिले में कैंसर के कितने मरीज, स्वास्थ्य विभाग को पता नहीं

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बरेली। जानलेवा कैंसर की रोकथाम के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रतिवर्ष भारी भरकम बजट खर्च करता है, पर जिले में किस कैंसर के कितने मरीज हैं, यह विभाग को पता ही नहीं है। कैंसर के मरीजों का रिकॉर्ड उपलब्ध न होने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।
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बीते माह जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कैंसर के मरीजों का आंकड़ा जुटाने और जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान उसी के आधार पर लोगों को सचेत के लिए कहा था। जिलाधिकारी का यह निर्देश हवा में उड़ा दिया गया। राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस के मौके पर जब अधिकारियों से कैंसर मरीजों का आंकड़ा पूछा गया तो वे एक दूसरे पर टालते रहे।
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह का कहना था कि विभाग कैंसर का रिकॉर्ड तैयार नहीं करता, सिर्फ कैंसर स्क्रीनिंग का रिकॉर्ड है। रिपोर्ट में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स की ओर से केंद्र पर पहुंचे संदिग्ध मरीज ही शामिल हैं। जिनमें कैंसर है या नहीं इसकी कोई पुष्टि नहीं है। बताया कि अप्रैल से अब तक स्वास्थ्य केंद्रों पर ब्रेस्ट कैंसर की चपेट में 18 महिलाएं मिलीं। जिन्हें रेफर किया गया।
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निजी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज में
इलाज को पहुंच रहे कैंसर के मरीज
कैंसर के इलाज और जांच के लिए विभाग के पास न संसाधन और न विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। कैंसर के मरीज इलाज के लिए निजी मेडिकल कॉलेज और शहर के निजी अस्पताल पहुंचते हैं। कैंसर विशेषज्ञ डॉ. पियूष कुमार अग्रवाल के मुताबिक जिले में सबसे ज्यादा ओरल कैंसर के मरीज है, फिर ब्रेस्ट कैंसर की चपेट में आई महिलाएं हैं। सर्वाइकल और ब्लड कैंसर के भी मरीज काफी हैं। अमर उजाला ब्यूरो
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