आयुष्मान कार्ड रिजेक्ट बताकर मरीजों थे इलाज के रुपये
एक मरीज की इलाज न मिलने पर घर में हो गई थी मौत
बरेली। आयुष्मान कार्ड रिजेक्ट बताकर मरीजों से इलाज के रुपये वसूलने के खेल का खुलासा होने पर अस्पताल को दो मरीजों के रुपये वापस करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, एक अन्य मामले में आयुष्मान कार्ड का अप्रूवल न मिलने को लेकर प्रमुख सचिव को रिपोर्ट भेजी गई है। साथ ही सीएमओ की अध्यक्षता में जांच कमेटी भी गठित की गई है।
आयुष्मान संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए शुक्रवार को एडीएम प्रशासन बीके सिंह की अध्यक्षता में एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार समेत अन्य डॉक्टरों की बैठक हुई। पीलीभीत बाईपास स्थित मेडिसिटी हॉस्पिटल में पीलीभीत के पूरनपुर निवासी आयुष्मान लाभार्थी रमेश ने इलाज कराया था। यहां रमेश के आयुष्मान कार्ड को रिजेक्ट बताकर उससे इलाज के रुपये ले लिए थे। इसी तरह बिशारतगंज के वार्ड नंबर तीन निवासी कृष्ण पाल का कार्ड रिजेक्ट बताकर उनसे भी इलाज के रुपये लिए गए थे। दोनों ही मामलों में एडीएम ने दवाई खर्च छोड़कर अस्पताल का अन्य खर्च मरीजों को वापस कराने का आदेश दिया है। वहीं, मढ़ीनाथ निवासी कन्हईलाल को पैरालिसिस का अटैक आया था। जिला अस्पताल में न्यूरो सर्जन न होने के कारण बेटी शिखा ने उन्हें एसआरएमएस में भर्ती कराया था। सात दिन भर्ती रखने के बाद अस्पताल प्रशासन ने कार्ड रिजेक्ट बताकर इलाज से मना कर दिया था। करीब 20 दिन बाद घर में उनकी मौत हो गई। शिखा ने इलाज में लापरवाही का भी आरोप लगाया था। इसकी जांच के लिए सीएमओ की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। इस मामले में यह भी सामने आया कि कन्हईलाल के आयुष्मान कार्ड को लखनऊ से ही अप्रूवल नहीं मिला था, इसलिए अस्पताल ने उसका कार्ड स्वीकार नहीं किया। इसकी रिपोर्ट प्रमुख सचिव को भेजी गई है।