मौसम के उतार-चढ़ाव का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर
बरेली। मौसम के बदलाव का असर सबसे ज्यादा बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चे वायरल फीवर और निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल का चिल्ड्रेन वार्ड बीमार बच्चों से फु ल हो गया है। मंगलवार को पांच घंटे में ही निमोनिया से पीड़ित 12 बच्चों को भर्ती किया गया। जिनमें दो की हालत गंभीर है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्मेंद्र ने बताया कि निमोनिया और बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। ऐसे में जरा भी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह ले। तत्काल बचाव को गर्म कपड़े पहनाएं, धूप दिखाएं। बच्चों को पीने के लिए गुनगुना पानी ही दें, इससे राहत मिलेगी। बच्चों में हाथ धुलने की आदत डलवाएं, क्योंकि बैक्टीरिया से भी निमोनिया होता है। दवा चलने तक बच्चों को घर में ही रखें। ठंड को देखते हुए बच्चा वार्ड के हर बेड के पास एक हीटर लगवाया गया है।
हृदय रोगी बरतें विशेष सावधानी
फिजीशियन डॉ. वागीश कुमार वैश्य ने बताया कि इस मौसम में सावधानी ही बचाव है। धूप निकलने से लोग लापरवाही करते हैं और ठंडी हवा की चपेट में आकर बीमार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि सर्दियों में शरीर से पसीना कम निकलता है। शरीर से सोडियम और पानी बाहर नहीं निकलने पर ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इसका असर हृदय को खून पहुंचाने वाली धमनियों पर भी पड़ता है। ठंड के मौसम में हार्ट के रोगी को नियमित रूप स्वास्थ्य जांच कराते रहना चाहिए। मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों को सुबह के समय में टहलने से परहेज करना चाहिए। इस समय घर के अंदर व्यायाम करना बेहतर रहेगा। ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने लिए नमक का सेवन कम करें। मक्खन-घी का सेवन सीमित मात्रा में ही करें।