बरेली। अगर आपको कुत्ता, बंदर, बिल्ली, भेड़िया, या गीदड़ काट ले तो एआरवी (एंटी रेबीज वैक्सीन) लगवाने को जिला अस्पताल या किसी अन्य सरकारी अस्पताल में न जाएं। जिला अस्पताल समेत जिले के सभी सीएचसी, पीएचसी पर एआरवी का स्टॉक खत्म हो चुका है। इस वजह से मरीज वैक्सीन लगवाने को भटक रहे हैं।
जिला अस्पताल समेत अन्य सीएचसी, पीएचसी में जीवन रक्षक दवाओं के साथ ही एआरवी का टोटा भी हो गया है। नवाबगंज, बहेड़ी समेत अन्य सीएचसी और पीएचसी से रोजाना ही एआरपी की मांग की जा रही है, मगर स्वास्थय विभाग के पास वैक्सीन नहीं है। कारपोरेशन को तीन हजार वैक्सीन का डिमांड पत्र भी भेजा गया था लेकिन वहां से हाथ खड़े कर दिए हैं। इस वजह से स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर उन्हें लौटना पड़ रहा हैं।
बाजार से वैक्सीन लगवाने पर खर्च हो रहे 350 रुपये
सरकारी अस्पताल में मुफ्त लगने वाली वैक्सीन की बाजार में कीमत 270-350 रुपये है। ये वैक्सीन पहले, तीसरे, सातवें और 28वें दिन लगती है। इस वजह से जरूरतमंदों को बाजार से इसे खरीदने के लिए अच्छी-खासी कीमत खर्च करनी पड़ रही है।
एंटी रेबीज वैक्सीन की आपूर्ति के लिए कॉरपोरेशन को पत्र लिख दिया गया है। जल्द ही वैक्सीन उपलब्ध करा दी जाएगी।
- डॉ. विनीत कुमार शुक्ल, सीएमओ