बरेली। गोविंद वल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर के पूर्व कुलपति प्रो. अमरीश कुमार ने कहा कि स्टेम सेल से अब दीर्घकालिक रोगों का इलाज किया जा सकता है। विश्व के कई देशों में अब बच्चे के पैदा होते ही उसके ब्लड से स्टेम सेल प्रिजर्व की जाती है ताकि भविष्य में उसके इलाज में इसका प्रयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि स्टेम सेल थेरेपी उज्जवल भविष्य है और इसका अब वृहद स्तर पर प्रयोग किया जा रहा है।
प्रो. अमरीश भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान यानी आईवीआरआई में गुरुवार को पशुओं में स्टेम सेल के क्लीनिकल प्रयोग विषय पर तीन सप्ताह चली शीतकालीन पाठशाला के समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। संस्थान के शल्य चिकित्सा विभाग की ओर से आयोजित इस पाठशाला में देश भर के विश्वविद्यालयों और संस्थानों के 21 प्राध्यापकों और वैज्ञानिकों ने भाग लिया था। प्रो. अमरेश ने कहा कि स्टेम सेल थेरेपी से पशु चिकित्सा में काफ ी मदद मिलती है। विदेशों में इस पर काफ ी काम किया जा रहा है। यूएसए में स्टेम सेल की करीब 11 यूनिट हैं जो पशु चिकित्सा पर काम कर रही हैं।
संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. वीके गुप्ता ने भी स्टेम सेल थेरेपी के विषय में जानकारी दी। शल्य चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमरपाल ने शीतकालीन प्रशिक्षण की प्रगति रिपोर्ट पेश की। प्रशिक्षुओं को संस्थान के मुक्तेश्वर परिसर का भी भ्रमण कराया गया। वहां भी स्टेम सेल पर व्याख्यान दिया गया। प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र भी दिए गए।