बरेली। एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार पर धमकाकर अपने ड्राइवर के जरिये 55 हजार रुपये की वसूली करने का आरोप लगाने वाले झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई होना तय हो गया है। एसीएमओ की ओर से इस झोलाछाप के साथ पांच और पैथालॉजी लैब के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ को पत्र के साथ अपनी जांच रिपोर्ट भेज दी है। हालांकि झोलाछाप के आरोपों की जांच अभी पूरी नहीं हो पाई है।
सोमवार को सिरौली के गांव शिवपुरी के बाबूराम ने सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल से की शिकायत में एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार पर 55 हजार रुपये की वसूली करने का आरोप लगाया था। बाबूराम ने कहा था कि 15 नवंबर को उसके क्लीनिक पर पहुंचे एसीएमओ ने खुद को सीएमओ बताते हुए जांच की थी। जांच में सबकुछ ठीक पाया गया लेकिन इसके बाद भी एसीएमओ ने एफ आईआर कराने की धमकी देते हुए आगे की बात अपने ड्राइवर अजीत तिवारी से करने को कहा। ड्राइवर ने उससे 55 हजार रुपये मांगे और उसे पड़ोस के ही गांव में रहने वाले अपने मामा शिवकुमार शर्मा का नंबर दे दिया। शाम को शिवकुमार आकर उससे 55 हजार रुपये ले गया।
शिकायत के बाद सीएमओ ने एसीएमओ की जिम्मेदारियां छीनकर उनके खिलाफ जांच शुरू करा दी। उधर, छापा मारने के चार दिन बाद एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने मंगलवार को झोलाछाप बाबूराम समेत पांच लोगों पर कार्रवाई के लिए सीएमओ को पत्र भेज दिया है। एसीएमओ ने बताया कि उन्होंने 15 नवंबर को पांच पैथोलॉजी लैब की जांच की थी। इनमें कोई बिना लाइसेंस चलती मिली तो कहीं कोई और गड़बड़ी पाई गई। इन पर कार्रवाई के लिए सीएमओ को लिख दिया है। एसीएमओ ने बताया कि बाबूराम बगैर लाइसेंस के पैथोलॉजी लैब चला रहा था। इसके साथ क्लीनिक में लोगों का इलाज भी कर रहा था जबकि उसके पास कोई डिग्री नहीं है।
ये पैथोलॉजी लैब चलाने वाले भी फंसे
दिनेश मिश्रा शाहबाद रोड सिरौली, रामू राज सिरौली, केयर पैथोलॉजी सिरौली, भारत पैथोलॉजी अलीगंज और केयर पैथोलॉजी लैब मेन मार्केट अलीगंज पर कार्रवाई की तैयारी है।