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खुले में फेंका जा रहा महिला अस्पताल का मेडिकल वेस्ट

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बरेली। महिला अस्पताल से निकलने वाला मेडिकल वेस्ट अस्पताल परिसर के पीछे किचन के पास खुले में फेंका जा रहा है। यह आमजन के लिए नुकसान दायक साबित हो सकता है। वहीं मवेशी भी उसमें मुंह डालते रहते हैं।
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एक तरफ सरकार लोगों को स्वस्थ रखने के लिए स्वच्छता अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल प्रबंधन साफ -सफ ाई में लगातार लापरवाही बरत रहा है। अस्पताल प्रबंधन भले ही कागजों में अस्पताल परिसर को साफ -सुथरा दिखाने की कोशिश कर रहा हो, लेकिन यहां की वास्तविकता कुछ और ही है। लापरवाही का आलम यह है कि खतरनाक मेडिकल वेस्ट भी किचन के पास खुले में फेंका जा रहा है। इससे संक्रमण का खतरा बना रहता है। ज्यादा कचरा इकट्ठा हो जाता है तो उसे एसिड डालकर नष्ट कर दिया जाता है। इस बाबत सीएमएस डॉ. अलका शर्मा का कहना है कि खुले में मेडिकल वेस्ट नहीं फेंका जाता है। अस्पताल के पीछे किचन के पास कचरा डालने की उन्हें जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो वह इसे दिखवाएंगी।

हो सकती हैं हेपेटाइटिस बी जैसी बीमारियां
लोगों को भी रास्ते में पड़े मेडिकल कचरे से सावधान रहना चाहिए। सार्वजनिक स्थानों पर पड़ा मेडिकल वेस्ट लोगों के लिए गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इससे हेपेटाइटिस बी, टाइफ ाइड जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
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कानून तो है लेकिन पालन नहीं
मेडिकल वेस्ट का सही ढंग से निष्पादन करने के लिए कानून तो बना है, लेकिन उसका पालन नहीं होता है। केंद्र सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के लिए मेडिकल वेस्ट प्रबंधन और संचालन नियम, 1998 बनाया है। इसके अनुसार निजी और सरकारी अस्पतालों को इस तरह के चिकित्सीय जैविक कचरे को खुले में या सड़कों पर नहीं फेंकना चाहिए और न ही इस कचरे को नगर निगम के कचरे में मिलाना चाहिए, लेकिन यहां इसका पालन नहीं हो रहा है।
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