बीस हजार बेटियां एनीमिया का शिकार
विकास भवन में हुई बैठक में सामने आए आंकड़े़
- आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चियां इसमें शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। मोदी सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है, उनके विकास के लिए योजनाओं की भी भरमार है, लेकिन हकीकत यह है कि बेटियों को इतना पौष्टिक आहार तक नहीं मिल रहा जिससे वह स्वस्थ रह सकें। करीब बीस हजार लड़कियां खून की कमी से जूझ रही हैं। इनमें आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चियां भी शामिल हैं। जिले में महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं की हकीकत जानने आ रही महिला कल्याण विभाग की टीम से पहले विकास भवन में हुई बैठक में यह आंकड़े सामने आए। अब अभियान चलाकर लड़कियों को आयरन की गोलियां वितरित करने की तैयारी है।
महिला कल्याण विभाग की तरफ से महिला अफसरों की एक टीम आने वाली है जो जिले में महिलाओं से जुड़ी योजनाओं की हकीकत देखेंगी। इसमें एक आईएएस, एक पीसीएस व कुछ अन्य अफसर होंगी। इसके लिए नोडल अधिकारी भी बनाए गए हैं। शुक्रवार को विकास भवन में स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रोबेशन अधिकारी व नोडल अधिकारियों के साथ सीडीओ ने बैठक की जिसमें महिलाओं से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा हुई। स्वास्थ्य विभाग ने आंकड़े रखे जिसमें करीब बीस हजार लड़कियां एनीमिया का शिकार बताई गईं। इसमें दो तिहाई आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चियों के खाने पीने पर लाखों रुपये खर्च होते हैं उसके बाद यह हाल है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बच्चियां भी एनीमिया ग्रस्त हैं जबकि यहां भी उनको मिडडे मील के तहत पोषक तत्वों से भरपूर खाना दिया जाता है। इससे योजनाओं की हकीकत भी बयां हो रही हैं। एनीमिया ग्रस्त इन बीस हजार बच्चियों को ट्रैस कर उनको आयरन की गोलियां वितरित की जाएंगी। सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने बताया कि जिले में करीब बीस हजार लड़कियां एनीमिया से ग्रस्त है। उनको आयरन की गोलियां वितरित कराई जाएंगी। स्कूलों में भी अभियान चलाकर गोलियां वितरित कराई जाएंगी।
सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल ने बताया कि एनीमिया ग्रस्त महिलाओं को आयरन की गोलियां दी जाती है। जो लड़कियां एनीमिया ग्रस्त मिली हैं उनको आयरन की गोलियां बांटी जाएंगी।
कैंप लगाकर सुमंगला योजना
के कराए जाएंगे पंजीकरण
बरेली। प्रदेश सरकार की तरफ से बेटी के पैदा होने से लेकर स्नातक की पढ़ाई तक सुमंगला योजना के तहत अनुदान दिया जाना है। अब तक जिले में 26 सौ आवेदन हो चुके हैं। बैठक कर सीडीओ ने निर्देश दिए कि पंचायत स्तर और स्कूलों में कैंप लगाकर पंजीकरण कराए जाए। पंचायत स्तर पर मंगलवार और बुधवार, स्कूल और डिग्री कॉलेजों में सोमवार को पंजीकरण कैंप लगाया जाएगा। कामन सर्विस सेंटर पर भी पंजीकरण करा सकते हैं।