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सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट में विलीन हुआ शहीद भगत सिंह नेत्र चिकित्सालय

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बरेली। चिकित्सालय की नई बिल्डिंग के उद्घाटन के साथ शनिवार को शहीद भगत सिंह नेत्र चिकित्सालय चित्रकूट के सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट में विलीन हो गया। ट्रस्ट के साथ जुड़ने के बाद चिकित्सालय ने अब सर्जरी की संख्या 50 हजार सालाना तक बढ़ाने का लक्ष्य भी साधा है। यहां नई अत्याधुनिक मशीनों के इस्तेमाल के साथ देहात क्षेत्र से आने वाले जरूरतमंद मरीजों के लिए बस, खान-पान जैसी तमाम सेवाओं की भी शुरूआत की जाएगी। शनिवार को हुए कार्यक्रम में मुख्यातिथि सांसद संतोष गंगवार ने फीता काटकर चिकित्सालय का उद्घाटन किया। डॉ. हरबंस सिंह ने बताया कि अब से मरीजों का वर्गीकरण भी किया जाएगा।
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करीब 50 साल पहले बतौर युवा चिकित्सक डॉ. हसबंस सिंह ने समाज सेवा भाव के साथ गरीबों के लिए काम करना शुरू किया था। यहां बरेली आकर सिविल लाइंस स्थित आवास से राष्ट्रीय दृष्टि विहीनता निवारण संस्था चलाकर गरीबों की मदद की थी। फिर वर्ष 2006 में भूतपूर्व मंडल आयुक्त ऐके चतुर्वेदी द्वारा भूमि पूजन के बाद वर्ष 2008 में भूतपूर्व मंडल आयुक्त माजिद अली के हाथ से इस चिकित्सालय का उद्घाटन किया गया था। देखते ही देखते डॉ. हरबंस की चर्चा पूरे प्रदेश में होने लगी। अपनी आयु और जिम्मेदारियों का खयाल करते हुए उन्होंने करीब एक साल पहले अस्पताल के लिए एक ट्रस्ट की तलाश शुरू की थी। कई जगह घूमने के बाद वह चित्रकूट के सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट पहुंचे। लेकिन बात नहीं बनी। उन्होंने बताया कि लौटने के करीब छह महीने बाद पिछले वर्ष दिसंबर में ट्रस्ट के एक सदस्य ने संपर्क कर हामी भरी। तैयारियों के बाद शहीद भगत सिंह नेत्र चिकित्सालय शनिवार को ऑफीशियली ट्रस्ट का हिस्सा बन गया। यह चिकित्सालय ट्रस्ट के त्रितकूट और अनंतपुर (एमपी) स्थित अस्पतालों के बाद तीसरा अस्पताल है।
उन्होंने बताया कि यहां स्पेशियलिटी विंग में रेटिनल यूनिट, केटेरेक्ट मशीन, स्कविंग मशीन (तीरछी आंख ठीक करने वाली), क्रेटोप्लास्टी (आंख बदलना) की सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही अपने गैर जरूरतमंद मरीजों के लिए नए विंग में परामर्श शुल्क 30 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया गया है।
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