बरेली। योगी सरकार ने सत्ता में आने के बाद ही भूमाफियाओं की लिस्ट बनाकर शिकंजा कसने के आदेश दिए थे लेकिन सरकारी मशीनरी के सक्रिय न होने से इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। भूमाफियाओं के कारनामे अफसरों तक पहुंचते रहे लेकिन अफसरों ने कोई सुनवाई नहीं की। अब आधा कार्यकाल पूरा होने के बाद योगी सरकार भूमाफियाओं पर फिर से लगाम कसती दिखाई दे रही है। शासन के निर्देश पर कुछ बड़े भूमाफियाओं की करोड़ों की संपत्ति की जांच शुरू होने हो गई है तो पब्लिक की आस जाग गई है, जो माफियाओं की धमकी से अपनी कीमती जमीनों को औने-पौने रेट पर बेचने को मजबूर हो रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि उनके पास कई ऐसे लोगों की शिकायतें आनी शुरू हो गई हैं, जो पहले डर की वजह से भूमाफियाओं के खिलाफ मुंह खोलने को तैयार नहीं थे।
विवादित और अवैध जमीनों पर कब्जा करने के लिए तमाम ऐसे भूमाफिया हैं, जिनके लिए एक पूरा गैंग काम करता है। इसमें पुलिस, विजिलेंस, राजस्व विभाग के अधिकारी कई दूसरे लोग भी शामिल हैं, जमीनों को हथियाने का खेल करते हैं। बताते हैं कि ये भूमाफिया पहले शहर की उन जमीनों को चिह्नित करते हैं, जो किसी न किसी वजह से विवादित है। इन जमीनों के साथ आसपास के लोगों के संपत्तियों पर भी कब्जा करने की कोशिश की जाती है। इसलिए भूमाफिया गैंग की मदद से खेल को अंजाम देते हैं। ऐसे संपत्ति मालिकों को तरह-तरह से परेशान करके उन्हें इस बात के लिए मजबूर किया जाता है कि वह अपनी प्रॉपर्टी को सस्ते रेट पर बेचने के लिए मजबूर हो जाएं। अगर संपत्ति मालिक इसका विरोध करता है तो उसे अपने गैंग की मदद से धमकाना शुरू कर देते हैं। बताते हैं कि खौफ की वजह से पीड़ित लोग खामोशी से सबकुछ सहन करते रहते हैं या फिर वह संपत्ति को बेचने के लिए मजबूर हो जाते हैं। अफसरों तक शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते, क्योंकि वह जानते हैं कि सरकारी मशीनरी भी भूमाफियाओं का ही साथ देगी, लेकिन भूमाफियाओं को एक्शन के मूड में आ गई है तो पीड़ितों की खामोशी भी टूटती दिखाई दे रही है। अफसरों की मानें तो ऐसे मामलों की शिकायतें आनी शुरू हो गई है।
शासन के निर्देश के बाद जिन भूमाफियाओं का रिकार्ड मांगा गया है, उनका ब्योरा तो एकत्र ही हो रहा है। अगर कोई भूमाफिया किसी को डरता या धमकाता है तो ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करते हुए पीड़ित पक्ष का सुरक्षा दी जाएगी। -वीरेंद्र कुमार सिंह, डीएम
- भू माफिया से जुड़े मामलों में पुलिस प्रशासन तेजी से कार्रवाई करता है। जिला स्तर पर संयुक्त कमेटी बनी हुई है जो थानों या पोर्टल की शिकायतों से जुड़े मामलों में कार्रवाई करती है। शासन स्तर से कार्रवाई की मॉनीटरिंग की जाती है।- अविनाश चंद्र, एडीजी जोन