बरेली। जिले में बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। अब तक मलेरिया के चार हजार से ज्यादा मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप है। संक्रमण के खतरे को देखते हुए जिला अस्पताल प्रशासन ने अपनी चूक सुधारते हुए महिला अस्पताल में बनाया गया मलेरिया वाईवैक्स का अस्थाई वार्ड बृहस्पतिवार को समाप्त करके यहां के सारे मरीजों को जिला अस्पताल में शिफ्ट कर दिया है। महिला अस्पताल में अब सिर्फ सामान्य बुखार के ही मरीज भर्ती होंगे।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में फैल्सीपेरम मलेरिया के 17, मलेरिया वाईवैक्स के 16 और बुखार के करीब सवा सौ मरीज भर्ती थे। इन मरीजों को रखने के लिए कुल छह वार्ड बनाए गए हैं, जिनमें से तीन महिला और तीन पुरुष अस्पताल हैं। महिला अस्पताल के एक वार्ड में मलेरिया वाईवैक्स के भी मरीज थे। इनसे अन्य मरीजों को संक्रमण की आशंका जताते हुए महिला अस्पताल प्रशासन ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद बृहस्पतिवार यहां भर्ती फैल्सीपेरम के सभी मरीज पुरुष अस्पताल में शिफ्ट कर दिए गए। अब महिला अस्पताल के तीनों वार्ड में बुखार के सामान्य मरीज ही भर्ती किए जाएंगे।
देहात में प्रकोप जारी, ओपीडी में काफी भीड़
बुखार को लेकर देहात में अब भी हालात खराब हैं, जिसके चलते जिला अस्पताल की ओपीडी में भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही। कई दिन से जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 1500 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें एक तिहाई बुखार के मरीज हैं।
संक्रमण के खतरे को देखते हुए महिला अस्पताल से मलेरिया का वार्ड खत्म कर दिया गया है। अब वहां सिर्फ सामान्य बुखार के ही मरीज भर्ती होंगे। मरीजों की संख्या को देखते हुए बुखार के छह वार्ड बनाए हैं और अब किसी बेड पर दो मरीज नहीं हैं।
- डॉ. टीएस आर्या, सीएमएस, जिला अस्पताल
ज्यादा मरीज होने के चलते जिला अस्पताल को बुखार का वार्ड बनाने को जगह दी गई थी। मगर यहां वाईवैक्स मलेरिया के मरीज भर्ती से संक्रमण का खतरा था इसलिए जिला अस्पताल के सीएमएस को पत्र लिखा गया था।
- डॉ. अलका शर्मा, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल