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जीवित बच्चे को अल्ट्रासाउंड में दिखा दिया मृत..

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पीलीभीत। एक डॉयग्नोस्टिक सेंटर पर अल्ट्रासाउंड में गर्भस्थ शिशु को मृत दिखा दिया गया। रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर ने गर्भपात कराने की सलाह भी दे दी। लेकिन गर्भवती महिला के पति ने दूसरे सेंटरों पर अल्ट्रासाउंड कराया तो नार्मल निकला। इसके बाद उसने सीएम पोर्टल पर शिकायत कर दी। अब प्रभारी सीएमओ ने मामले में जांच के आदेश दिए है।
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कस्बा न्यूरिया निवासी नदीम अहमद ने अपनी गर्भवती पत्नी नेहा को 29 जून को गांधी स्टेडियम रोड स्थित एक स्त्री रोग विशेषज्ञ को दिखाया । आरोप है पत्नी को दिखाने के बाद डॉक्टर ने अगली बार आने पर एक खास डायग्नोस्टिक्स सेंटर से ही अल्ट्रासाउंड कराकर रिपोर्ट लाने की बात कही। 24 जुलाई को नदीम नेहा को लेकर उक्त डायग्नोस्टिक्स सेंटर पहुंचे, जहां की रिपोर्ट के अनुसार में गर्भ में पल रहे आठ सप्ताह तीन दिन के शिशु के स्वास्थ्य की जांच कर रिपोर्ट निगेटिव दी गई। इस पर महिला डॉक्टर ने गर्भ में बच्चे को मृत बताकर पत्नी की जान को खतरा बताते हुए तुरंत गर्भपात कराने का दबाव बनाया। जिसका साढ़े तीन हजार खर्च भी बता दिया। नदीम को भरोसा नहीं हुआ। फिर उसने 25 जुलाई को गौहनिया चौराहे और 26 जुलाई को जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया तो रिपोर्ट नार्मल आई। बच्चा जीवित था। इससे नदीम असमंजस में पड़ गया। वह फिर पहली महिला डॉक्टर के पास पहुंचा लेकिन उन्होंने अपने बताए डॉयगनोस्टिक सेंटर की रिपोर्ट को सही मानकर गर्भस्थ शिशु के मृत होने की बात कही और नेहा की जान को खतरा बताया। इसके बाद भी नदीम ने हार नहीं मानी शंका दूर करने के लिए तीन अगस्त को फिर तीसरे सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराया। यहां भी रिपोर्ट नार्मल बताई गई। तब जाकर नदीम को अहसास हुआ कि पत्नी के गर्भ में पल रहा शिशु स्वस्थ्य है। इसके बाद उसने महिला डॉक्टर और उस खास डॉयग्नोस्टिक सेंटर के लाइसेंस निरस्त करने की मांग को लेकर पिछले दिनों मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की। इसके बाद अफरातफरी मच गई। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शिकायतकर्ता को बुुलाया है।
मामला बेहद गंभीर है। शिकायकर्ता को सभी अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट लेकर बुलाने के साथ ही इस मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। जांच में अगर मामला ठीक पाया गया तो संबंधित पर कार्रवाई होगी।
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-डॉ. अश्वनि गुप्ता, प्रभारी सीएमओ
एक मरीज की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट अलग अलग होने का प्रकरण काफी गंभीर है। मामले की जानकारी लगने पर इस प्रकरण की जांच स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही अग्रिम कार्रवाई का निर्णय किया जाएगा।
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- वैभव श्रीवास्तव, डीएम
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