फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवजात की मौत ने खोला सरकारी तंत्र का सच

विज्ञापन
विज्ञापन
पूरनपुर (पीलीभीत)। सीएचसी आई गर्भवती का प्रसव एक सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षिका (हेल्थ वर्कर) के आवास पर करा दिया गया। रात में नवजात की हालत बिगड़ने पर जच्चा-बच्चा को घर से भगा दिया। नवजात के साथ दंपती को रात में एक धार्मिक स्थल में शरण लेनी पड़ी। सुबह घर पर नवजात की मौत हो गई। प्रसूता की हालत भी बिगड़ गई। उसे गंभीर हालत में सीएचसी लाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत उजागर कर दी।
विज्ञापन

गांव अंडबोझी निवासी रणजीत सिंह ने बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर वह पत्नी रजविंदर कौर को 20 अगस्त को सीएचसी ले गए थे। वहां रुखसाना नाम की एक महिला ने प्रसव न हो पाने की बात कहकर पड़ोस स्थित एक सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षिका के आवास पर भेज दिया। वहां उससे पांच हजार रुपये लेकर प्रसव कराया गया। रणजीत के अनुसार उसके पास दवाई तक के पैसे नहीं बचे। आरोप है कि प्रसव के बाद जब नवजात की हालत बिगड़ी तो उसे वहां जबरन भगा दिया। अगले दिन घर पहुंचने पर नवजात की मौत हो गई।
सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बृहस्पतिवार शाम करीब छह बजे सीएचसी पहुंचकर रणजीत सिंह को एमओआईसी कक्ष में बुलाकर उसके बयान लिए। महिला का इलाज करने वाले चिकित्सक डॉ. केडी सिंह ने बताया कि गंभीर हालत में रजविंदर कौर का अल्ट्रासाउंड कराया गया है। उसके पेट में प्रसव संबंधी कुछ अवशेष रह गए हैं। लिहाजा उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है। रणजीत सिंह ने प्रभारी चिकित्साधिकारी, मुख्यमंत्री पोर्टल आदि पर मामले की शिकायत की।
विज्ञापन


सीएचसी की तीसरी घटना
पूरनपुर। सीएचसी में प्रसव के लिए आने वाली अधिकतर महिलाओं को टरका दिया जाता है। संविदा पर तैनात सर्जन ने कई माह पहले त्यागपत्र दे दिया था। निष्चेतक डॉ. कमरूल जमा का भी यहां से तबादला हो चुका है। लिहाजा प्रसव के लिए सीएचसी पर आने वाली महिलाओं को निजी अस्पतालों और एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के यहां भेज दिया जाता है। इसी सीएचसी में कुछ दिनों पूर्व स्ट्रेचर न मिलने पर एक महिला ने ठेले पर बच्चे को जन्म दिया था। कुछ दिनों बाद फिर ऐसा ही वाकया हुआ। रजविंदर भी एंबुलेंस न मिलने पर बाइक पर आई थी।

छापे की भनक पर घर से हटाया सामान
पूरनपुर। महिला चिकित्सालय के समीप रहने वाले सेवानिवृत्त एचवी, अशोक कॉलोनी में रहने वाली सेवानिवृत्त एएनएम सहित आधा दर्जन स्थानों पर नगर में अवैध रूप से प्रसव कराए जाते हैं। इन लोगों ने कुछ महिला कर्मचारियों सहित अन्य को अपना एजेंट बना रखा है, जो सीएचसी में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को बरगलाकर लाती हैं। शिकायत के बाद सीएचसी से भेजे गए डॉक्टरों ने सेवानिवृत्त स्वास्थ्य निरीक्षिका के घर छापा मारा, लेकिन पूर्व सूचना के चलते उसने आवास से बेड, दवाएं और उपकरण आदि सारा सामान पहले ही हटा दिया।

सीएमओ साहिबा अभी कुछ नहीं जानतीं
विभाग की लापरवाही के चलते नवजात की जान चली और सीएमओ साहिबा कहतीं है कि उन्हें कोई जानकारी नहीं। जबकि पीड़ित और एमओआईसी के बयान के अनुसार उन्हें सब कुछ मालूम है।
महिला के प्रसव को सीएचसी आने और दूसरी जगह ले जाकर उसका प्रसव कराने आदि मामले की जानकारी नहीं है। अभी तक इसमें कोई शिकायत भी नहीं हुई है। शिकायत मिलती है तब जांच कर कार्रवाई जाएगी।
-डॉ. सीमा अग्रवाल सीएमओ

शिकायत पर बृहस्पतिवार को सीएचसी आईं सीएमओ ने मुझसे एक कमरे में बुलाकर पूछताछ की। कार्रवाई का भी भरोसा दिलाया है।
- राणजीत सिंह, प्रसूता का पति

सीएमओ ने भी की पूछताछ, नहीं निकला निष्कर्ष
मामले की जांच शुरू की गई है। सीएमओ बृहस्पतिवार को सीएचसी आईं थीं। उन्होंने भी रजविंदर कौर के पति रणजीत सिंह से मामले को लेकर पूछताछ की। अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। किसी बाहरी महिला के बुलाने पर उसको ऐसे नहीं जाना चाहिए था। रुखसाना नाम की महिला की तलाश की जा रही है। सेवानिवृत्त हेल्थ वर्कर के घर जाकर जांच की गई, लेकिन वहां अभी प्रसव कराने का कोई सबूत नहीं मिला है। एक मरीज भी उसके घर की ओर जा रहा था। उसने भी कुछ नहीं बताया है। जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करवाई जाएगी।
विज्ञापन

- डॉ. छत्रपाल सिंह, एमओआईसी, सीएचसी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें