फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रसूता की जान लेने वाला आंवला का नर्सिंग होम सील

विज्ञापन
विज्ञापन
आंवला/बरेली। स्वास्थ्य मंत्री जिले में हैं लिहाजा इलाज में लापरवाही से महिला की मौत होने के मामले में अफसरों ने कार्रवाई में कोई कसर नहीं छोड़ी। शुक्रवार को एसडीएम विशु राजा को साथ लेकर आंवला के शिफा नर्सिंग होम का निरीक्षण करने पहुंचे एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार और सीएचसी प्रभारी राजेंद्र कुमार ने आरोपी डॉक्टर से पूछताछ की। निरीक्षण में पता चला कि अस्पताल में न बायो वेस्ट निस्तारण के इंतजाम हैं न प्रदूषण विभाग की एनओसी। मांगने पर कोई रिकॉर्ड भी नहीं मिला। इसके बाद टीम ने नर्सिंग होम में भर्ती रोगियों को सरकारी अस्पताल भेजकर उसे सील कर दिया। इस दौरान एक क्लिनिक पर भी छापा मारा गया।
विज्ञापन

गुरुवार को भीमपुर के जयवीर ने अपनी पत्नी ममता की मौत के बाद नर्सिंग होम संचालक डॉ. आबिद पर केस दर्ज करवाया था। शुक्रवार को सीएमओ के निर्देश पर एसीएमओ के नेतृत्व में पहुंची टीम ने अस्पताल को सील कर दिया। इसके बाद टीम ने वजीरगंज बस स्टैंड पर बेसमेंट में चल रहे एक क्लीनिक पर छापा मारा। यहां मौजूद डॉक्टर के पास अभिलेख तो नहीं मिले लेकिन उसने बताया कि उसके पास सारे कागज हैं। इस पर उसे अभिलेख सीएमओ कार्यालय में दिखाने के लिए हफ्ते भर का समय दिया।
आयुष कर्मचारी को बताया सीनियर सर्जन
नर्सिंग होम के पैनल में जिस सीनियर सर्जन का नाम लिखा था, जांच में वह आयुष विभाग में कार्यरत एक महिला निकली। नर्सिंग होम के मालिक डॉ. आबिद ने एसडीएम को बताया कि सर्जरी के लिए बरेली के डॉ. अतुल और सहयोग के लिए भमोरा के सरकारी अस्पताल में एलएमओ के पद पर तैनात आयुष कर्मचारी डॉ. खुशनुमा को बुलाया जाता है। बताया कि पांच अगस्त को नर्सिंग होम में एक महिला के गर्भ में बच्चा खत्म हो गया था, उसका ऑपरेशन नर्सिंग होम में डॉ. अतुल ने ही किया था। एसडीएम ने जब डॉ. अतुल से बात की तो उन्होंने सिरे से नकार दिया।
विज्ञापन


पैथोलॉजी लैब भी अवैध
शिफा नर्सिंग होम में जांच के दौरान एसीएमओ ने आरोपी डॉक्टर से खून की जांच करने वाली लैब के बारे में पूछा तो उन्होंने कस्बे में चल रही सरगम लैब से जांच कराने की बात बताई। एसीएमओ ने फोन पर पैथोलॉजी लैब के बारे में जानकारी ली तो विभाग के रिकॉर्ड में इस नाम की लैब का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। उन्होंने अवैध चल रहे पैथोलॉजी लैब के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

इस नर्सिंग होम में भी आशाओं का खेल
निरीक्षण के दौरान आशाओं की ओर से कमीशन के चक्कर में किए जा रहे खेल का खुलासा हुआ तो एसीएमओ ने आशा को फटकारते हुए तत्काल सीएचसी जाने का निर्देश दिए। मामला ये था कि जब निरीक्षण हो रहा था उसी दौरान एक आशा पास ही के गांव की महिला को साथ लेकर नर्सिंग होम आई थी। एसीएमओ और एसडीएम नेे शादी नगर की आशा बहू मिथिलेश को यूनिफॉर्म से पहचान कर जमकर फटकारा और कार्रवाई की चेतावनी देते हुए तत्काल मरीज महिला को सीएचसी ले जाने के निर्देश दिए।

नर्सिंग होम में तमाम खामियां मिलीं। अभिलेख भी दुरुस्त नहीं थे और न ही वहां सुरक्षित इलाज की सुविधा थी, इसलिए अस्पताल को सील कर दिया गया है। - डॉ. अशोक कुमार, एसीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें